14 फ़रवरी 2016

बसंत पर जमकर हुई ख्याल गोयी

- निशान पूजा के साथ हुई लोक संगीत से भरपूर रसमय प्रस्‍तुतियां

फोटो:असलम सलीमी
आगरा:बसेत का पर्व शीत के प्रकोप से छुटकारे और मनमोहक मौसम के शुरू होने का तो असहास करवाता ही है, साथ ही मन की तरंग को संगीत की ऊंचाईयां भी देने वाला रहा है। संगीत क्षेत्र में ख्‍याल गोई पुरानी परंपरा है जो अब लुप्‍त प्राय हो गयी है किन्‍तु आगरा में अब भी कम से कम फाग से पहले अखाडे जरूर सजते हैं। यह बात अलग है कि जहां पहले संगीत के इस दंगल के लिये जबरदस्‍त प्रतिस्‍पर्धा..
रहती थी अब यह परंपरा में सिमिट चुकी है। हकीकत में  इसे यहां के उस्‍ताद और अखाडा संचालकों के प्रशंसको ने किसी न किसी प्रकार चालू रखा है। शनिवार को अखाड़ा लाला पन्नालाल एवं रूपकिशोर महाराज ने तुर्रा पक्ष का निशान पूजन एवं वसंतोत्सव ख्यालगोई समारोह फाटक सूरजभान, बेलनगंज पर मनाया ।

परंपरागत रूप से यह आयोजन आयोजन हर वर्ष रूपकिशोर महाराज के शिष्यों द्वारा किया जाता है। विभिन्न जिलों के कलाकारों शामिल हुए। अखाड़े के खलीफा विष्णु अग्रवाल ने पढ़ा, केशव कमलापति कृष्ण चंद्र नैनों का तारा झूले में, खेले मनमोहन नंदलाल यशोदा का दुलारा झूले में। कार्यक्रम में गुरु मनोज, वरिष्ठ खलीफा नीरज शर्मा, हरेश यादव, मथुरा के ख्यालगोई कलाकार विजेंद्र, नरेंद्र, वीरेंद्र, कासगंज से चंद्रभान, ओमप्रकाश सागर फीरोजाबाद से, बाबू भाई खुर्जा से गायन की इस महफिल में शरीक हुए।