--रोड एक्सीडेंट और घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी
बढोत्तरी भी प्रत्याशित
आगरा: उत्तर प्रदेश में शराब जनित बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल
होने वाली दवाओं की खपत बढेगी।
हालांकि यह हर वित्तीय वर्ष में अमूमन बढती ही है किन्तु
इस बार यह बृद्धिदर अपेक्षाकृत कुछ ज्यादा ही रहने की उम्मीद है।
श्री चिम्मन लाल जैन मूवमेंट अग्रेस्ट एडिक्शन के कॉडनेटर श्री
अनिल शर्मा ने कहा है कि इसमें कोई दो राय नहीं कि शराब हृदय, शुगर रोग
बढते हैं साथ ही यह घरेलू हिसा व रोड एक्सीडेंट का कारण साबित होती है।धरेलू हिंसा
से तो महिला थानों की रौनक
बढेगी ,फैमली कोर्ट
के प्रैक्टिश्नरों को काम के अवसर बढेंगे तथा महिलाओं के मामलों को लेकर नेतागीरी
करने वालों को चमकने का मौका मिलेगा किन्तु शराब जनित बीमारियों का भी इलाज यू पी
में ही हो सके सरकार को इस बात पर भी विचार करना चाहिये।वर्तमान में शराबजनित बीमारियोंके
पीडितों में से पचास प्रतिशत से ज्यादा दिल्ली के अस्पतालों में ही इलाज करवाने
को मजबूर होते हैं, जो कि अपेक्षाकृत अत्यधिक महंगा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेराजगारी , बढती गरीबी
और रोगियों की संख्या में इजाफा होते देख जब शराबके प्रचलन को कम करने का प्रयास करना
चाहिये तो वह शराब की खपत बढाने में जुटी है।
उधर प्रदेश के एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार
सपा प्रदेश नेतृत्व कर्त्ता ने ‘शाम की
दवा’ सस्ती करने का जो वादा पिछले विधानसभा चुनाव के
दौरान किया था, उस पर वे चार साल बाद अब अमल करने जा रहे हैं।
सरकार ने शराब पर
एक्साइज ड्यूटी 25 फीसदी तक कम करने का फैसला किया है।
इससे प्रदेश में एक अप्रैल से शराब सस्ती हो जाएगी। रॉयल
स्टैग की जो बोतल अभी 760 में मिलती है, उसके
दाम घटकर 680 रुपये के आसपास हो जाएंगे।नई नीति में
देशी शराब पर प्रति लीटर एक रुपये और अंग्रेजी शराब पर प्रति बोतल 25 फीसदी
एक्साइज ड्यूटी कम की जा रही है, जबकि बीयर की एक ब्रांड पर एक्साइज ड्यूटी
बढ़ाई गई है और एक ब्रांड पर इसे कम किया गया है।
सरकार ने इसके साथ ही देसी शराब के कोटे में चार फीसदी की
वृद्धि कर चुकी है। एक्साइज ड्यूटी कम होने से एक अप्रैल से शराब कम दामों पर मिल
सकेगी। ऐसे में शराब की खपत बढ़ने से सरकार को तय राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हो
सकेगी।
लखनऊ शराब एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह के मुताबिक
अंग्रेजी शराब के एक क्वार्टर की कीमत में 15 से 20 रुपये
और बोतल पर 70 से 80 रुपये
तक की कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम होने से विदेश से आने वाली
जॉनी वाकर, शीवाज रीगल, रॉयल
सैल्यूट, वैट 69, ग्लेनफिडिच
व अन्य सिंगल मॉल्ट स्कॉच के दामों में भी खासी कमी आएगी। शराब विक्रेता भी अधिक
स्टॉक उठा सकेंगे।