17 फ़रवरी 2016

शताब्‍दी वर्ष है आगरा में कांग्रेस के गठन का

--तवारीखे आगरा के दूसरा एडीशन की तमाम दिलचस्‍प जानकारियों में कांग्रेस भी

आगरा की किताब 'तवारीख ए आगरा'
का दूसरा संस्‍करण
आगरा: कांग्रेस की संगठनात्‍मक इकाई के रूप में  आगरा में 1916 में शुरूआत हुई थी, इस प्रकार चालू कलैंडर वर्ष स्‍थानीय कांग्रेस की सक्रियता का सौ वां साल है। यह जानकारी प्रख्‍यात इतिहास विद् राज किशोर राजे की पुस्‍तक तवारीखे आगरा के दूसरे एडीशन (पृष्‍ठ 185) में तमाम अन्‍य दिलचस्‍प महत्‍वपूर्ण जानकारिया के साथ दी गयी है । हकीकत में यह साल आगरा के लिये प्रजातांत्रिक व्‍यवस्‍था के तहत दलीय राजनीति में प्रवेश करने का सौ वां साल है।
पुस्‍तक में दी गयी जानकारी में बताया गया है कि स्‍व प्रयाग नारायण जी आगरा में पार्टी के पहले अध्‍यक्ष बने थे। श्री राजे बताते हैं कि किताब में कई और भी बहुत सी महत्‍वपण जानकारियों दिया जा सकता था दिया है, किन्‍तू मेंरी द्ष्‍टि में यह किता तक ही सीमित नहीं रहना चाहिये। विचार गोष्‍ठियों  और व्‍यवस्‍था संबधी चर्चाओं में अधिक विचार व बहस के मूददा है ।  वैसे आगरा में कांग्रेस की यूनिट खुलने के समय स्‍व मोती लाल नेहरू इलहाबाद  से आगरा आये थे ,उन्‍हों ने जिन लोगों की रसीद काट पार्टी का सदस्‍य बनाया था उनमें पूर्व सांसद स्‍वश्री सेठ अचल सिह भी शामिल थे।स्‍व मोतीलाल नेहरू का जन्‍म स्‍थान आगरा है,यहां उनके नाम के नाम पर एक पार्क, एक सडक(मोती लाल नेहरू मार्ग—घटिया 
(लेखक : राज किशोर शर्मा राजे)
चौराह से जीवनी मंडी तिराहे तक का माग) ,गल्‍ला मंडी का नाम(मोती गंज –पुरानी चुंगी मार्केट) आदि रखे जाने के अलावा एक स्‍मारक भी सत्‍तर वर्षीय पूर्व के तत्‍कालिक लोगों के द्वारा बनवाया हुआ है।
छावनी स्‍थित सेठ अचल सिह की कोठी, श्री शशि शिरोमणी का लता कुंज स्‍थित निवास आदि कई वे स्‍थान हैं जहां से कांग्रेसियों में से कई ऐसे है जिनकी यादें जुडी रही है।वर्तमान में कांग्रेस जनपद की राजनीति मे मौजूद तो है किन्‍तु उसकी राजनैतिक
ताकत को नजरअंदाज करने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
पं अयोद्यानाथ कुंजरू श्री चन्‍द्र दनौरिया, कृष्‍ण दत्‍त पालीवाल, भगवान दास बैरी, पार्वती देवी, शौकत अली, भगबती देवी पालीवाल, स्‍व भूप सिह शर्मा, प्रकाश नारायण शिरोमणी, आदि राम सिघल, देबकी नन्‍दन विभव, जगन प्रसाद राबत आदि कांगेस के आरंभिक दौर और देश की स्‍वतंत्रता के तत्‍काल पूर्व और बाद के मुख्‍य जज्‍बातियों में शामिल थे। वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्‍यक्ष पद को श्री दुष्‍यंत शर्मा और महानगर अध्‍यक्ष पद को श्रीअबरार हुसैन सुशोभित कर रहे हैं। यह पार्टी भले ही अपने राजनैतिक असर के कारण हाशिये पर आ गयी मानीजाने लगी हो किन्‍तु अपनी सैक्‍युलर पॉलिटिकल फोर्स की इमेज अब भी बरकरार रखे हुए है। आगरा से सम्‍बन्‍धित कांग्रेस के इतिहास से जुडे कुछ और उल्‍लेख हैं उनमें कांग्रेस स्‍वराज्‍य पार्टी और बाद में फारवर्ड ब्‍लाक का नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस के द्वारा गठन मुख्‍य है।इसी प्रकार आजादी के बाद कांग्रेस से चौधरी चरण सिह के अलग हो जाने का आगरा में कांग्रेस पर सीधा असर डालने वाला साबित हुआ।

वैसे कांग्रेस की स्‍थापना 28 दिसम्‍बर 1885 में हुई थी जिसका शताब्‍दी वर्ष 1985 में तथा सवा सौ वां साल 2010 में बडे जोश और उत्‍साह के साथा जश्‍न के रूप में आगरा में भी कई जगह कांग्रेसियों ने ही नहीं कई गैर जानैतिक संगठनों के द्वारा मनाया गया था। 

युवक कांग्रेस

पुराने कांग्रेसी परिवार से तालुक्‍कात रखने वाले श्री भुवनेश श्रोत्रिय के अनुसार कांग्रेस से सम्‍बन्‍धित आगरा से जुडी घटनाओं में पार्टी के फंटियल संगठन युवक कांग्रेस का गठन 1920 में यहीं हुआ था और वह पार्टी के विभाग के रूप में पार्टी के फ्रंटल संगठन का दर्जा स्‍व श्रीमती इंन्‍दिरा गांधी के द्वारा दिये जाने तक कार्यरत रही । यह बात अलग है कि युवक कांग्रेस के बारे में तथ्‍य परक जानकारी अब तक तक को कांग्रेस पर शोध करने और लिखने वालों के द्वारा अनदेखा कर श्री नारायण दत्‍त तिवारी को संगठन का पहला अध्‍यक्ष उल्‍लेखित करते हुआ काम चलाया जाता रहा  है।(पुस्‍तक के लेखक श्री राजकिशोर राजे का पताहै126नारायणविहार,सिकन्‍दरा,आगरा व उनसे माबाइल नं:09837328625 व 09368257134परसंपर्क किया जा सकता है)