टोरंटो विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के प्रभात झा ने अपने एक अध्यन में बताया कि भारत में धूम्रपान करने वाले पुरुषों की संख्या में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुए है। उनके अध्यन अनुसार धूम्रपान के कारण 2010 में लगभग 10 लाख लोगों को अपनी जिंदगी त्यग्नि पड़ी। भारत में पहले बीड़ी पीने की परम्परा थी किन्तु अब इसका स्थान सिगरेट ने ले लिया है। आधुनिक दुनिया में नौजवान इसकी शुरुआत मज़े के लिए करते हैं। बाद में इसको छोड़ना बहुत मुश्किल पड़ता है। आंकड़ों अनुसार भारत में धूम्रपान करने वाले 15 से 69 वर्ष की उम्र के बीच के पुरुषों की संख्या बढकर करीब 2.9 करोड पहुँच चुकी है।
