27 फ़रवरी 2016

2010 में लगभग 10 लाख लोगों ने धूम्रपान के कारण खोई जिंदगी

टोरंटो विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के  प्रभात झा  ने अपने एक अध्यन में बताया कि भारत में धूम्रपान करने वाले पुरुषों की संख्या में  36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुए है। उनके अध्यन अनुसार धूम्रपान के कारण 2010 में लगभग 10 लाख लोगों को अपनी जिंदगी त्यग्नि पड़ी। भारत में पहले बीड़ी पीने की परम्परा थी किन्तु अब इसका स्थान सिगरेट ने ले लिया है। आधुनिक दुनिया में नौजवान इसकी शुरुआत मज़े के लिए करते हैं। बाद में इसको छोड़ना बहुत मुश्किल पड़ता है। आंकड़ों अनुसार भारत में  धूम्रपान करने वाले 15 से 69 वर्ष की उम्र के बीच के पुरुषों की संख्या बढकर करीब 2.9 करोड पहुँच  चुकी है।