20 जनवरी 2016

ताज सिटी के प्रतिनिधि संगठनों ने रोहित की मौत पर जताया आक्रोष

--उच्‍च शिक्षा परिसरों के भगवाकरण पर व्‍यक्‍त की गयी चिंता

(शहीद स्‍मारक से निकाला गया कैंडिल मार्च)
आगरा, महानगर के बुद्धिजीवियों का प्रतिनित्‍व करने वाले प्रमुख संगठनों की शहीदस्‍मारक पार्क के मंच परिसर में हुई सभा में सर्वसममति से एक प्रस्‍ताव पारित कर हैदराबाद विश्‍विद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की अत्‍म हत्‍या का कारण प्रतिक्रियावादी ताकतों और सरकार की सरपरस्ती में जारी फासीवादी मुहिम को करार दिया गया।
बाम पंथी सोच के विचारक एवं वरिष्‍ठ पत्रकार श्री अनिल शुक्‍ला की अध्‍यक्षता में देर तक चली इस सभा को सम्‍बोधित करते हुए साहित्यकार मलखान सिंह का कहना था कि उच्‍च शिक्षा परिसरों का भगवाकरण केन्‍द्र सरकार की एक दुर्भावना पूर्ण
चेष्‍टा है।इस प्रकार के मामलों को गंभरतापूर्वक लेकर सामूहिक संघर्ष करना होगा।
. इस प्रतिरोध सभा का आयोजन दलित साहित्य मंच, रंगली ला, इप्टा, जनसंस्कृति मंच, ,ए.आई.एस.एफ , शहीद भगत सिंह स्मारक समिति, रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर दलित,आदिवासी एंड माइनॉरिटी (रिदम), आर .बी .एस. कॉलेज ड्रामा क्लब, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, आल इंडिया बहुजन फेडरेशनआदि संगठोंकी
वरिष्‍ठ पत्रकार एवं  रंगकर्मी अनिल शुक्ल ने कहा कि रोहित के भीतर असीम संभावनाए मौजूद थी, वह रंगकर्मी, रचनाकार आदि हो सकता था। जन संस्कृति मंच से डॉ प्रेमशंकर सिंह ने रोहित वेमुला द्वारा लिखित पत्र को पढ़कर सुनाया।

कार्यक्रम के अंत में दिवंगत को श्रद्धांजली एवं सरकार के प्रतिकार स्‍वरूप एक कैंडिल मार्च भी निकाला गया।