26 जनवरी 2016

इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिये ' ताज सिटी' ही सबसे अपयुक्त

-- आगरा की पर्यटन क्षमता के अन्‍यत्र को दोहन की कोशिशों बर्दाश्‍त नहीं

 आगरा: सोशल एक्‍टविस्‍ट एवं कार्पोरेट कंपनियों में कार्यरत रहे पूर्वाधिकारी श्री अनिल शर्मा ने कहा
(एयरपोर्ट प्रोजेक्‍ट पर आगरा काहीहक:अनिल शर्मा)
है कि उनकी समझ से परे है कि एक ओर आगरा को स्‍मार्ट सिटी बनाये जाने को नगर निगम कबायद कर रहा है वहीं दूसरी ओर आगरा के मातृ उद्योग (आधार भूत धंधा) की मूल जरूरतो को नजर अंदाज किया जा रहा है।

श्रीशर्मा ने कहा कि आगरा के हित को समझने और सरकार
को समझाने वाले पर्यटन उद्योग और अन्‍य उद्यमियोंकेसशक्‍त मंच व संगठन है आश्‍चर्य है कि राज्‍य सरकार इनकी बात को भी गंभरता से नहीं ले रही। उन्‍हों ने कहा कि सैफई या नोयडा में हवाई अड्उेबने इसका आगरा वालों को कोई विरोध नहीं है किन्‍तु जहां भी ये प्रस्‍तावित हो वहां भी इनकी स्‍थानीय जरूरत हो। जबकि नोयडा और सैफई के प्रोजेक्‍ट आगरा की ही पुटेशियलिटी को ही टारगैट कर प्रस्‍तावित किये जा रहे हैं।जो कि परोक्ष रूप से आगरा के हक को छीन ले जाने से अधिक और कुछ भी नहीं है।
उन्‍हों ने कहा कि जब भी इन प्रोजेक्‍टो की डी पी आर पब्‍लिक हीयरिंग के लिये आयेगी वह जाचेंगे और अगर उसमें आगरा की यात्री क्षमता का आकंलन कर उसे अनयत्र प्रस्‍तावित हवाई अडडा प्रोजेक्‍ट की वाइविल्‍टी का अधार बनो जाने का उल्‍लेख हुआ तो न्‍याआलय जाने में भी संकोच नहीं करेंगे।

श्री शर्मा ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि नगर निगम और आगरा के मास्‍टर प्‍लान के माध्‍यम से ही इस मामले को पुरजोरतरीके से उठवायेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि यह आगरा नगर निगम की कॉपेन और पार्षदों की साख का ही असर है जो कि आगरा स्‍मार्ट सिटी घोषित हो सका है।  कम से कम सरकारी मीडिया तो आगरा के नागरिकों के द्वारा की गयी वोटिंग को ही इसके लिये ताकत मान रहा है।श्री शर्मा ने कहा कि आगराके मास्‍टर प्‍लान को भी उनके द्वारा नये सिरे से बहस का मुददा बनाया जायेगा जिसमें कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बनाया जाना शमिल है।फिर इसे क्‍यों नजर अंदाज किया गया।