--मुलायम को पी एम बनाये जाने के अखिलेश फार्मूले को किया नजर अंदाज
आगरा:
सैफई महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव भले ही नहीं पहुंचे हो किन्तु
उनकी पार्टी के नेता व चाचा
वहां पूर्ववत ही पहुंचे हैं। यही नहीं मैनपुरी में
अपनी मौजूदगी के दौरान उन्हों ने यह भी स्पष्ट करने में देर नहींलगाईहै कि राज्य
विधान सभा के 2017 में होने वाले चुनाव में पार्टी किसी भी अन्य राजनैतिक दल से
गठबन्धन नहीं करेगी। यही नहीं किसी अन्य पार्टी से तालमेल की संभावनाओं से भी
इंकार कर दिया है। सामान्य तौर पर इस
प्रकार की नीतिगत जानकारियां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या प्रदेश अध्यक्षही
देते आये हैं वह भी पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद किन्तु इस बार समाजवादी
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने इस नीतिगत घोषणाके मामले
में कुछ ज्यादा ही जल्दी की है।
राष्ट्रीय
महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2017 में किसी के साथ गठबन्धन नही करेगी। उन्होंने कहा कि
समाजवादी पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में भी किसी के साथ गठबन्धन नहीं किया था। तब
हमारी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी. हालांकि इसके पहले ये खबर थी कि
यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबन्धन का
जोड़ हो सकता है.
उल्लेखनीय
है कि इससे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कह चुके हैं कि अगले लोकसभा चुनाव में
सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन एक ही शर्त पर हो सकता है जब मुलायम सिंह यादव
प्रधानमंत्री और राहुल गांधी उप प्रधानमंत्री होंगे. 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस के गठबंधन के सवाल
पर भी अखिलेश ने इसी जवाब को दोहराया था। जबकि मैनपुरी की ताजी घोषणा में श्री
रामगोपाल ने मुख्यमंत्री के द्वारा प्रचारित गठबन्धन के इस फार्मूले को पूरी तरह
से नजरअंदाज ही कर दिया है।
