--जनपद के बाह, पिनहाट ,फतेहाबाद और शमाशाबाद कस्बाई क्षेत्र रेल से जुडे
आगरा:
बाह के पिछडे पन को दूर करने के लिये दो अहम जरूरतों में शामिल चम्बल नदी पर पिनहाट में पुल भले ही राज्य सरकार नहीं बनवा सकी हो किन्तु
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| (रेलवे ट्रैक का बटेसर में उदघाटन किया रेलराज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने।साथ खडे हैं केन्द्रीय मंत्री राम शंरक ठैिरया और विध्ाा जगन प्रसाद गर्ग) |
किन्तु लगभग सात दशक बाद केन्द्र सरकार द्वारा एक बार रेलगाडी जरूर दुबारा शुरू हो गयी।इस ट्रैक का उदघाटन
रेलवे स्टेट मिनिस्टर मनोज सिन्हा हरी झंडी
दिखाकर आगरा-इटावा डीएमयू पैसेंजर ट्रेन को रवाना किया। इस प्रोजेक्ट की बुनियाद 1999 में वाजपेयी ने बतौर पी एम रखी थी। 16 साल इसे पूरा होने में लगे।
पूर्व
प्रधानमंत्री श्री आटल बिहारी बाजपेयी ने अपने शासन कल में इसके लिये बटेश्वर में
आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा
की थी।चार महीने पूर्व यह रेलवे ट्रैक जांचपरखों की कसौटी पर परखेजाने के बाद पूरा हुआ था। इससे आगरा और इटावा सीधे जुड गये हैं। बटेसर(बटेश्वर) स्टेशन(हाल्ट) जरूर बनाया गया है किन्तु उससे लगभग चार कि मी दूरी है और टैपो ,आदि से सहजता के साथ वहां पहुंचा जा सकता है।फिलहाल इस रूट पर डी एम यू चलेगी किन्तु शीघ्र ही आगरा से लखनऊ और कानपुर को जाने वाली रेल गाडियों के लिये इस ट्रैक का उपयोग होने लगेगा। आगरा जनपद के शमशाबाद, फतेहाबाद, बाह, कस्बें की इससे पूर्व रेल से कनैक्टिविटी नहीं थी।
की थी।चार महीने पूर्व यह रेलवे ट्रैक जांचपरखों की कसौटी पर परखेजाने के बाद पूरा हुआ था। इससे आगरा और इटावा सीधे जुड गये हैं। बटेसर(बटेश्वर) स्टेशन(हाल्ट) जरूर बनाया गया है किन्तु उससे लगभग चार कि मी दूरी है और टैपो ,आदि से सहजता के साथ वहां पहुंचा जा सकता है।फिलहाल इस रूट पर डी एम यू चलेगी किन्तु शीघ्र ही आगरा से लखनऊ और कानपुर को जाने वाली रेल गाडियों के लिये इस ट्रैक का उपयोग होने लगेगा। आगरा जनपद के शमशाबाद, फतेहाबाद, बाह, कस्बें की इससे पूर्व रेल से कनैक्टिविटी नहीं थी।
क्षेत्र
के विधायक राजा भदावर अरिदमन सिह ने रेलसेवा शुरू हो जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है,उल्लेखनीय है कि रियासत काल में रेल सेवा मौजूद थी वर्तमान में डाले गये रेलवे ट्रैक में भी रेलवे ने अधिकांश स्थानों पर यथा संभव अपनी पुरानी
जमीन का ही उपयोग कियाहै।भाजपा के नेताओं के द्वारा इस ट्रैक को मोदी सरकार का श्री
बाजपेयी की 91 वें जन्म दिवस के उपहार के रूप में प्रचारित किया जारहा है।
वर्तमान
में ‘सी एक्सप्रेस’ समाचार पत्र से संबधित वरिष्ठ
पत्रकार श्री शंकर देव तिवारी जो मूल रूप से बाह के ही रहने वाले है ने 16 साल पूर्व
श्री बाजपेयी के कार्यक्रम को 'आज' समाचार पत्र के पत्रकार के रूप में कवर किया था । इस अवसरपर पुरानी स्मृतियों को टटोलते कहा है कि ‘ घोषणा मुझे का वह दिन मुझे याद है साथ ही यह भी नहीं भूला हूं जब हम एक खबर के लिए परेशान थे और वह खबर अनिच्छा से लोगों की सहमति लेकर
लिख डालते थे कि बाह की रेल लाइन फिर से शुरू कराई जाए ।
पत्रकार एक्टिविस्ट शंकर देव तिबारी की स्मृतियां
पत्रकार से कही अधिक एक्टविस्ट के रूप में इस प्रोजेक्ट से जुडेरहे श्री तिबारी का कहना है कि पहली खबर के अंत में जो नाम मांग करने वालों में याामिल थे वे सभी उनके द्वारा लिखी गयी प्रोजेक्ट पूर्व की उस अंतिम खबर में भी शामिल थे जिसमें जानकारी दी गयी थी कि ‘अटल रखेंगे आधार शिला रेलवे लाइन की’ ।
पत्रकार से कही अधिक एक्टविस्ट के रूप में इस प्रोजेक्ट से जुडेरहे श्री तिबारी का कहना है कि पहली खबर के अंत में जो नाम मांग करने वालों में याामिल थे वे सभी उनके द्वारा लिखी गयी प्रोजेक्ट पूर्व की उस अंतिम खबर में भी शामिल थे जिसमें जानकारी दी गयी थी कि ‘अटल रखेंगे आधार शिला रेलवे लाइन की’ ।
श्री
तिबारी कहते हैं कि उन्हे इस बात की वेदना है कि आज जब हाल्ट (बटेसर) से सवारी गाड़ी शुरू
हुई तो वे न तो एक्टविस्ट दिखे और न हीं इन्हे किसी को याद करने की ही परवाह थी।
अपवाद स्वरूप राम राज सिह राठौर अवश्य दिखे
किन्तु शायद ही किसी ने उन्हे अहमियत दिये जाने की कोशिश की हो।।
श्री तिबारी केे अनुसार रेल लाइन के नजरअंदाज किये जा चुके मुद्दे को
उठाते रहने वालों में सर्वश्री विनोज जैन , रामशंकर गुप्ता,
मलखान
सिंह राठौर पूर्व जिलापंचायत सदस्य अनिल गुप्ता , सचिव गुप्ता ,
उपेन्द्र
सिंह भदौरिया, सुरैश राजपूत , आमर चंद शर्मा औमप्रकाश दुवे, सुनील गुप्ता एडवोकेट , डा, राम
किशन वेद्य, रमेश घड़ी साज. राधा चरम
माहौर, राम प्रकाश शास्त्री ,ु बृजमौहन शर्मा ,
जैसी
राम वर्मा , मुकैश यादव , बालक राम यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख,डा. मदन गौपाल भदौरिया, ,बटेश्वर
के राम सिंह आजाद दिवाकर गुर्जर मुख्य थे इनमें से कई उस समय छात्र हुआ करते थे।
कभी आर्थिक कारणों से बंद की गयी रेल की मांग ने
८८ में जोर पकड़ा। अजय संह रेल राज्य मंत्री से पिनाहट दौरे कै दौरान पहली बार ८०
लाख रुपए सर्वे के लिए शुरू कराया गया। और चल पड़ी रैल की लाईन बनने की मांग पटरी
पर। श्री तिबारी का कहना है कि देश की यह
पहली योजना होगी जिसके लिए कोई बड़ा आांदोलन या प्रदर्शन नहीं किया गया। और योजना
स्थानीय स्तर से उठ कर आई है। श्री तिबाी का कहना है कि श्रीबाजपेई का इस योजना से
कितना लगाव होगा इसका आंकलन इसी से किया जा सकता है कि शिलान्यास करते वक्त अपने
भाषण में कहा था कि ‘अगर कोई प्रधान मंत्री नहीं
बनेगा तो क्या उसके गांव में रैल नहीं पुंचेगी।‘ 