--शिक्षा मित्रों के लिये सरकार अलग से शासनादेश जारी हो: जितेन्द्र यादव
आगरा,बिना
टी ई टी परीक्षा पास किये सहायक अध्यापक बनाये जाने पर इलहाबाद हाई कोर्ट के
द्वारा अपनाया गया सख्त रुख एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला है।यह बी टी सी और बी
एड कर
| (शिक्षा सुधारो अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र यादव और श्रवण कुमार होटल गोबर्धन में पत्रकारो से वार्ता करते हुए) --फोटो:असलम सलीमी |
सहायक शिक्षक बनने की पात्रता रखने वाले उन सभी के लिये तो राहत कारी है
ही जो कि पात्रता और पद होने के बावजूद नौकरियों का लम्बे समय तक इंतजार तरते
रहे हैं ,उनके लिये भी सबक है जो कि रिक्तियों के होने पर पात्रों के हकों को
अनदेखा कर महज राजनैतिक फायदा उठाने के लिये शासनादेश जारी करवाने की व्यवस्था
का दुरोपयोग कर सरकारों को मुश्किल में डालते
रहते हैं।
रहते हैं।
यह कहना
है शिक्षा सुधारों अभियान के प्रदेश संयोजक श्री जितेन्द्र यादव का।जो कि
गोबर्धन होटल में बीएड परीक्षा पास किये
बेरोजगारों को अविलम्ब नौकरी दिये जाने के पक्ष में थे। राज्य सरकार को अब बिना विलम्ब के सहायक शिक्षक
पद पर नियुक्ति दिये जाने का कार्य अविलम्ब शुरू कर दिया जाना चाहिये ।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद अब कोयी नया
आदेश र्निगत होपाना संभव नहीं लगता इस लिये जो इलहाबाद उच्च नयायलय ने जो आदेश
दिया हुआ है उसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट मे जाने का मंसूबा त्याग कर बी एडा पास
की सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति शुरू कर देना चाहिये।न्यायलय का आदेश होने
से इस मामले में शिक्षा विभाग इस मामले में पूरी तरह से स्वतंत्र है।
श्री
यादव ने कहा कि बी एड किये पात्रों की संख्या 2.70 लाख है जबकि पद केवल 1.75
लाख हैं।वैसे भी यू पी में शिक्षास्तर में सुधार के लिये अब प्रशिक्षित अध्यापक
ही जरूरी हैं।
श्री यादव ने कहा कि शिक्षा मित्रों से भी
उनकी सहानुभूति है।उन्हें अन्यों के पदो पर नियुक्त करने के स्थान पर अपने
लिये अलग से शासनादेश जारी करें।श्री यादव ने कहा कि शिक्षा मित्रों के प्रति
भी उनकी पूरी सहानुभूति है। इनके वेतन मान रिवाइज्ड होने चाहियें साथ ही
प्रोन्नती की संभावनाओं वाले पद इनके लिये खास तौर में जरूरी है।
श्री
यादव ने कहा कि इस समय प्रदेश बेरोगारी के अत्यंत गंभीर दौर से गुजर रहा
हैं।अत:जो नौकरियां कर है उनके लिये नौकरियां ढूढने का काम प्रथमिक्ता से किया
जाना चाहिये। पत्रकार वार्ता में श्रवण कुमार तथा बी एड पास शुदा लोगों के संगठन
के प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रतिनिधियों के द्वारा दी गयी एक जानकारी में
कहा गया कि राज्य सरकार अगर न्यायिक आदेश हो जाने के बावजूद उनके हितो की
अपेक्षा करती है तो वे भी सुप्रीम कोर्ट जायेंग और न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष
रखने को बाध्य होंगे।