केन्द्रीय गृहमंत्री ने जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा शुरू
केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के साथ बेहतर संबंधों के लिए पड़ोसी देशों द्वारा आतंकवाद, घुसपैठ और सीमा का उल्लंघन बंद किया जाना चाहिए। श्री सिंह आज जम्मू–कश्मीर के साम्बा क्षेत्र में स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के नवनिर्मित शिविर का उद्घाटन करने के बाद जवानों को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय गृहमंत्री राज्य के तीन दिन के दौरे पर हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आईटीबीपी भारत-चीन की 3,488 कि.मी. लंबी सीमा की निगरानी करता है, जो सर्वाधिक असह्य और दुर्गम सीमायें हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय इन क्षेत्रों की सड़क सम्पर्कता और दूरसंचार सम्पर्कता में सुधार लाने की दिशा में काम कर रहा है।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा एक शांतिप्रिय देश रहा है और हमेशा अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छा संबंध कायम रखने के प्रति इच्छुक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चीन को काफी स्पष्ट रूप से कहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाने के लिए सीमा विवाद सहित सभी बकाया मुद्दे का समाधान होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करता है, बल्कि अफगानिस्तान जैसे देशों में भारत की सम्पदाओं की भी रक्षा करता है। उन्होंने पिछले वर्ष हेरात स्थित भारतीय दूतावास को एक आतंकी हमले से बचाने में आईटीबीपी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आईटीबीपी को हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सबसे पहले काम में जुटने वाला बताते हुए, लोगों का जीवन बचाने में इस बल की भूमिका की सराहना की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आईटीबीपी भारत-चीन की 3,488 कि.मी. लंबी सीमा की निगरानी करता है, जो सर्वाधिक असह्य और दुर्गम सीमायें हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय इन क्षेत्रों की सड़क सम्पर्कता और दूरसंचार सम्पर्कता में सुधार लाने की दिशा में काम कर रहा है।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा एक शांतिप्रिय देश रहा है और हमेशा अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छा संबंध कायम रखने के प्रति इच्छुक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चीन को काफी स्पष्ट रूप से कहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाने के लिए सीमा विवाद सहित सभी बकाया मुद्दे का समाधान होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करता है, बल्कि अफगानिस्तान जैसे देशों में भारत की सम्पदाओं की भी रक्षा करता है। उन्होंने पिछले वर्ष हेरात स्थित भारतीय दूतावास को एक आतंकी हमले से बचाने में आईटीबीपी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आईटीबीपी को हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सबसे पहले काम में जुटने वाला बताते हुए, लोगों का जीवन बचाने में इस बल की भूमिका की सराहना की।
