14 अगस्त 2015

‘राष्ट्रीय ध्वज’ फहराने के साथ इसके प्रति‍ दायि‍त्वो को भी जाने

--जुनून सोशल एक्‍टवि‍स्‍ट राजीव गुप्‍ता का
(लोक स्‍वर अध्‍यक्ष राजीव गुप्‍ता)

आगरा,चैम्‍बर आफ इंडस्‍ट्रीज एड कामर्स के पूर्व अध्‍यक्ष राजीव गुप्‍ता का राष्‍ट्रीय ध्‍वज सम्‍मान संकल्‍प अभि‍यान पि‍छले कयी सालों से अपनी गति‍ से चल रहा था कि‍न्‍तु इस बार उन्‍हों ने इसे पोस्‍टर,पर्चे आदि‍ बंटवाने के अलावा आगरा में सशक्‍त माध्‍यम बनचुके सोशल मीडि‍या पर भी पूरे जोश के साथ चलाया है।परि‍णाम तो 15अगस्‍त के बाद ही मालूम पड सकेगा कि‍न्‍तु जो भागदौड इस बार की है
उससे लगता है कि‍ पूर्व वर्षों की तुलना में इस बार ‘रि‍स्‍पांस’ अच्‍छा ही आयेगा।
श्री गुप्‍ता जो कि‍ चर्चि‍त संस्‍था 'लोक स्‍वर' के अध्‍यक्ष भी हैं,का कहना है कि‍ राष्‍ट्रीय झंडे के सम्‍मान को लेकर वह शुरू से ही सजग रहे हैं।अगर कही भी उन्‍होंने झंडे का सही तरीके से इस्‍तेमाल होते नही पाया तो वह अपने को हस्‍तक्षेप करने से कभी भी नहीं रोक पाये। 15अगस्‍त के अलावा कई अन्‍य पर्वों पर भी राष्‍ट्रीय ध्‍वज आम जनता के द्वारा फहराया जाता है कि‍न्‍तु झंडे के प्रति‍ सबसे ज्‍यादा संवेदनशील होने की जरूरत 16अगस्‍त से महसूस करते हैं।क्‍यों कि‍ सबसे ज्‍यादा इसे स्‍वाधीनता दि‍वस पर ही फहराया जाता है।वही जि‍न झंडों को पूरे सम्‍मान के साथ फहराया जाता है उन्‍हें हम अगले दि‍न भूल जाते हैं और बेकदरी के लि‍ये छोड देते हैं।
श्री गुप्‍ता ने कहा कि‍ इस कार्यमें अब वह अकेले ही नहीं लगे हुए हैं,कई प्रभावशाली मीडि‍या हाऊस और संस्‍थायें भी इस कार्यके लि‍ये अपने अपने अंदाज में  आगे आयी हैं।
श्री गुप्‍ता का कहना है कि‍ फि‍र भी वह चाहते हैं कि‍ आम नागरि‍कों में से ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग The
Emblems and Names (Prevention of Improper Use) Act, 1950 Prevention of Insults to National Honour Act, 1971के बारे में जानें।
उनका कहना है कि‍  उद्यमी से राजनीति‍ज्ञ बने श्री नवीन जिदल की उस कानूनी लडाई के बारे में भी लोगों को  याद करवाते रहना जरूरी है  जो उन्‍हों ने ' Freedom of speech and expression under article 19(2) of the constitution'   को लेकर सात साल तक  अदालतों में लडी थी।जि‍सके फलस्‍वरूप हमे अपने झंडे को अपने घरों और रात में भी फहराने का अवसर मि‍ल सका।
श्री गुप्‍ता कहते हैं कि‍ आगरा एक अंतर्राष्‍ट्रीय महत्‍व का पर्यटक शहर है,यहां अक्‍सर  नाइट बाजार शुरू करने की बाते होती रहती हैं,मै तो सि‍र्फ इतना चाहता हू कि‍ शहर के टूरि‍स्‍ट मूवमेट के क्षेत्रों में कानूनी नि‍र्देशों के अनुरूप कम से कम सात आठ जगह रात्रि‍ में भी राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराये रखने की व्‍यवस्‍था की जाये,जो आगरा की अपनी एक वि‍शेषता भी होगी ।आखि‍र कैथल और लाडवा(कुरुक्षेत्र) में भी तो 206फीट के पोलों पर 48फुट चौडे और 72फीट झंडे फहरवा कर श्री जि‍दल ने इन स्‍थानों को एक पहचान दि‍लवायी।