--यमुना आरती में बढी भागदारी ,नदी के लबालव होने से लोगों में उत्साह
--दिल्ली,हरियाण सहित केई क्षेत्रों में बाढ के हालात
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(यमुना आरती करतीं पत्रकार
अंशुपारीख)
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किन्तु सबसे अधिक भीड
एतमदौला व्यू पौइंट घाट पर पहुंची ।जहां की फिजा ही
एक दम
बदली हुयी थी। यहां होने वाली 7.30 बजे की यमुना आरती से कही पहले लोगों का जमघट लगनाशुरू हो गया था और देर तक बना रहा। यमुना एक्टिविस्ट श्री बृज खंडलेवाल ने कहा कि ‘यमुना कनैक्ट’ अभियान की कामयाबी का ही परिणाम है कि अब नदी की बदहाली होते देख कर आगरावासी तठस्थ नहीं रहे है,वही अधिकारी जबावदेही से बचपाना न मुमकिन मान लेने से अनुभवहीनता के बावजूद मनमानी करते रहने की आदत छोडने पर मजबूर हो रहे हैं। आज की यमुना आरती में मुख्य भागीदारी पत्रकार सुश्री अंशु पारिक की रही। उधर यमुना नगर के हथिनीकुंड बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से दिल्ल्ी में बाढ के हालात उत्पन्न हो गये हैं तथा सिचाई विभाग ने मथुरा में भी बाढ आजाने की संभावना जता दी है। अभी आगरा में सामान्य स्थिति है यहां अब भी न ी लो फ्लड लेविल से भी काफी नीचे है।
एक दम
बदली हुयी थी। यहां होने वाली 7.30 बजे की यमुना आरती से कही पहले लोगों का जमघट लगनाशुरू हो गया था और देर तक बना रहा। यमुना एक्टिविस्ट श्री बृज खंडलेवाल ने कहा कि ‘यमुना कनैक्ट’ अभियान की कामयाबी का ही परिणाम है कि अब नदी की बदहाली होते देख कर आगरावासी तठस्थ नहीं रहे है,वही अधिकारी जबावदेही से बचपाना न मुमकिन मान लेने से अनुभवहीनता के बावजूद मनमानी करते रहने की आदत छोडने पर मजबूर हो रहे हैं। आज की यमुना आरती में मुख्य भागीदारी पत्रकार सुश्री अंशु पारिक की रही। उधर यमुना नगर के हथिनीकुंड बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से दिल्ल्ी में बाढ के हालात उत्पन्न हो गये हैं तथा सिचाई विभाग ने मथुरा में भी बाढ आजाने की संभावना जता दी है। अभी आगरा में सामान्य स्थिति है यहां अब भी न ी लो फ्लड लेविल से भी काफी नीचे है।
केन्द्रीय जलायोग से मिली जानकारी के
अनुसार राजधानी दिल्ली, शामली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश
के कई जिलों को अलर्ट कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार यमुना में छोड़ा गया
इस साल का सबसे ज्यादा पानी रिकार्ड किया गया है। गौरतलब है कि पिछले डेढ़ सप्ताह से
पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को पहाड़ों पर जबरदस्त बारिश होनी
शुरू हुई तो ताजेवाला हथनीकुंड बैराज से 68 हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया
था। इसके बाद फिर एक बार शनिवार और रविवार को पहाड़ों पर हुई जोरदार बारिश से
ताजेवाला-हथनी कुंड बैराज से यमुना में रविवार को दोपहर दो बजे से एक लाख एक हजार 360 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने सिंचाई
विभाग के अधिकारियों में परेशानी छा गई। अधिकारियों ने यमुना नदी से लगे राजधानी
दिल्ली, पश्चिमी
उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद को अलर्ट कर दिया है।
केंद्रीय जल आयोग के कैराना में तैनात अफसरों ने बताया कि शुक्रवार
की शाम चार बजे छोड़ा गया 68 हजार 458 क्यूसेक पानी का असर शनिवार को दिखना
शुरू हो गया था। शनिवार की देर रात्रि कैराना में यमुना का जलस्तर 230.20 मीटर तक पहुंच गया।
उनका कहना है कि एक लाख एक हजार 360 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कैराना में
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच जाएगा। यह पानी जिले में यमुना नदी
में सोमवार तक पहुंच जाएगा।
