22 अगस्त 2015

मुलायम फि‍र बि‍गडे पार्टी की बढती अलोकप्रि‍यता पर

--सरकार के काम काज पर भी की तीखी टि‍प्‍पणि‍यां

-- नहीं उठ सका  एस एन की सेवाओं के गि‍रते स्‍तर से आगरा को मि‍ला दर्द
मुलायम

आगरा, समाजवादी पार्टी की राज्‍य में बढती जा रही अलोकपि‍यता से और कोई नहीं खुद पार्टी राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष बेहद पशोपेश में पड गये हैं। उनके तीखे तेवर भी अब मीटिग हॉलो के बाहर बेअसर हो चुके हैं। वे पार्टी कार्यकर्त्‍ताओं की सुनने आते हैं और अपनी कही कह कर चले जाने के आदी हो चुके हैं।सपा के प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों..
की शनिवार लखनऊ में हुई बैठक को लेकर पार्टीजन बेहद नि‍राशा के साथ अपने जनपदो को लौटे हैं। यहां भी उन्‍हे अपनी बात रखने के लि‍ये बुलाया था कि‍न्‍तु श्री यादव और मंच पर आसीन लोगों का ही माइक पर बर्चस्‍व बना रहा । आगरा के एक पार्टीजन ने पुलि‍स के द्वारा अपने साथ की गयी ‘अप्रि‍य शब्‍दावली और दुर्व्‍यवहार ‘ की घटना का मामला उठाये जाने का प्रयास भी कि‍या कि‍न्‍तु पार्टी अध्‍यक्ष के सामने ही मुख्‍यमंत्री अखि‍लेश यादव ने उन्‍हे उल्‍टा झि‍डक कर पुलि‍स के मानोवल को यथावत बनाये रखने का कोई मौका नही चूका।
सपाईयों में से एक भी अपनी वेदना या सरकार की जमीनी हकीकत की बात रखने की हि‍म्‍मत नहीं जुटा सका। आगरा के एस एन अस्‍पताल जहां कि‍ तीन बच्‍चों की लापरवाही के कारण हुई मौतो के बाद भी हालात नही बदले हैं,सहि‍त कानपुर, इलहावाद,गाजि‍याबाद ,गोरखपुर द्वझासी और रामपुर के मुख्‍य अस्‍पतालों की बदहाली और सेवास्‍तर के न्‍यूनतम स्‍तर पर पहुंच जाने की बात नहीं उठापाया। 
यहां तक कि‍ खुद मुलायम ने कहडाला कि‍ गरीब लोगों को 108 व 102 एंबुलेंस जैसी बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मि‍ल पा रहा है। शहरी गरीब गंभीर बीमारी में भी रिक्शा, ऑटो से अस्पताल जा रहे हैं।
मुलायम ने माइक संभालते ही कहना शुरू कर दि‍या कि‍  पार्टी की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्हें इसका फीडबैक मिला है, खुद भी पता कराया है। हाल यही रहा तो चुनाव में पार्टी की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रहेगी। लोकसभा चुनाव में क्या हुआ? क्या जयललिता, ममता, नवीन पटनायक चुनाव नहीं जीते!

पूर्व में अनेक बार अपना दर्द व्‍यक्‍त करते रहे श्री यादव ने कहा कि‍ हमारे केवल पांच सांसद जीते। अभी वक्त है, संभल जाओ। उन्होंने कहा, अफसर बेलगाम हो गए हैं। पार्टी नेताओं व जनता की बातें नहीं सुन रहे विधायक, सांसद और मंत्री भी जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए हुए हैं। उनके काम नहीं कर रहे।