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| बिहार में पर्यटन |
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रुपये); महात्मा गांधी सर्किट (50 करोड़ रुपये); रामायण सर्किट (100 करोड़ रुपये); चम्पापुरी व पावापुरी सहित जैन सर्किट (50 करोड़ रुपये); मंदार हिल्स सर्किट और अंग क्षेत्र (50 करोड़ रुपये) अन्य स्थानों के साथ ही सात पर्यटन सर्किट विकास पर विचार करने का फैसला किया है।
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इनका विकास स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं के तहत पर्यटन मंत्रालय द्वारा चिन्हित सर्किट/शहरों के उचित माध्यम से किया जाएगा।
उपरोक्त के अलावा, मंत्रालय द्वारा बिहार में भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) क्षमता का आकलन करने के लिए किए गए अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर पर्यटन मंत्रालय ने 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान के साथ बिहार में आईआईटीटीएम केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी की घोषणा की है।
