--बसपा और सपा मुस्लिम बोट बैंक के बंटने की संभावना को लेकर पशोपेश में
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मिश्न
2017 की तैयारी में जुटे दलों के सामने ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन
(एआईएमआईएम) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी नयी समस्या के रूप में
आ खडे हुए हैं।जहां भाजपा के लिये वह धुर विरोधी होने के बावजूद बोट ध्रुवीकरण
की राजनीति में एक मत्र साबित होते रहे हैं वहीं बसपा और सापा की हालत खराब है।
इन दोनों ही पार्टियों का वोट
बैंक मुस्लिम है जबकि उबैसी आ ही इसी बोट बैंक के लिये रहे हैं।
श्री उबैसी ने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने
जा रहे हैं.’’ उन्होंने
साथ ही कहा कि वह राज्य में ऐसे समय में अपनी पार्टी को
मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं जब सत्तारूढ समाजवादी पार्टी जनता से किये गये
वादों को पूरा करने में विफल रही है.।उन्होंने कहा कि अभी यह कहना बहुत ही जल्दबाजी होगी कि
क्या उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम किसी अन्य पार्टी के साथ गठजोड़ करेगी...ओवैसी अतीत में अपने भड़काऊ बयानों को लेकर विवाद में रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जा रही है. समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा अदालतों के समक्ष कानून व्यवस्था के बारे में आशंका का हवाला देकर उनकी सभी रैलियों को अंतिम क्षणों में रद्द किया जा रहा है।
हैदराबाद से तीन बार सांसद रहे 45 वर्षीय ओवैसी ने उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकारों की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘कोई राज्य किसी की व्यक्तिगत जागीर नहीं है. मुझे इजाजत नहीं देने के लिए वे सांप्रदायिकता बनाम धर्मनरिपेक्षता की बहस शुरू कर देते हैं.’’