15 अप्रैल 2015

भारत –पाकि‍स्तान के बीच हैं सौहृद का पुल हैं सानि‍या

--भारत की ओर से खेलती है,पाकि‍सन के टैनि‍स प्रेमी रखते है साफ्ट कार्नर

मुम्‍बई : टैनि‍स की प्रख्‍यात खलाडी सानि‍या मि‍र्जा की कामयाबी भारत और पाकिस्‍तान दोनों के लि‍ये ही हर्ष और उल्‍लास अभि‍व्‍यक्‍ति‍ का कारण बनती रही है। हाल में ही वर्ल्ड नंबर-1 बनाना एक बार पुन: ऐसा ही मौका था। सानिया जीत को भारतीय महि‍लाओं के सामन ही पाकिस्तान में लाखों लड़कियों और महिलाओं के लि‍ये
भी प्रेरक माना गया है।
भारत में किसी भी टेनिस कोर्ट पर कोई लड़की पसीना बहाती है तो वह सानिया बनने का ख्वाब ज़रूर पालती रही थी कि‍न्‍तु अब यह स्‍थि‍ति‍ पाकि‍स्‍तान की युवओं में भी है।यह बात अलग है कि‍ वहां महि‍ला टैनि‍स के लि‍ये उपयुक्‍त माहौल अभी नहीं है।इसके बावजूद जब से सानि‍या का पाकि‍स्‍तान से रि‍श्‍ता जुडा है,टेलीवि‍जन चैनलो,सीडी आदि‍ के माध्‍यम से महि‍ला टैनि‍स के प्रति‍ लोगों की दि‍लचस्‍पी बढी है।
चार्ल्स्टन के ग्रीन क्ले कोर्ट पर पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 मार्टिना हिंगिस के साथ ख़िताब जीतते ही सानिया मिर्ज़ा ने डबल्स में निजी तौर पर टॉप रैंकिंग हासिल कर ली।
भारत या पाकिस्तान की महिला टेनिस खिलाड़ी के लिए तो यह पहला अवसर है ही ।उनके पति‍ और पाकि‍तान के  क्रिकेटर शोएब मलिक इस कामयाबी से खास आशान्‍वि‍त हैं। मैं बेइंतहा खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। सानिया का वर्ल्ड नंबर 1 बनना पाकिस्तान के लिए भी गर्व की बात है। वह यह भी ज़ोर देकर कहते हैं कि सानिया अपने देश के लिए पूरा समर्पण कर मैदान पर उतरती हैं।

पाकिस्तान के पूर्व हॉकी कोच ताहिर ज़मान का कहना है कि‍ पाकिस्तान में भारत की तरह महिला टेनिस खिलाड़ियों की संख्या तो नहीं बढ़ी, लेकिन फि‍र भी पूर्व की तुलना में रुचि‍ में जरूर इजाफा हुआ है।