5 अप्रैल 2015

आम आदमी को न्‍याय दिलाने के लिए न्‍यायपालिका को ‘सशक्‍त’ और ‘समर्थ’ बनाना होगा - मोदी

प्रधानमंत्री ने  कहा कि कानून का शासन सुनिश्चित करने और आम आदमी को न्‍याय दिलाने की ‘ईश्‍वरीय भूमिका’ के निर्वहन के लिए न्‍यायपालिका को ‘सशक्‍त’ और ‘समर्थ’ बनाना होगा। 
राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों और उच्‍च न्‍यायालयों के मुख्‍य न्‍यायाधीशों के संयुक्‍त सम्‍मेलन को सम्‍बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कार्यपालिका सार्वजनिक जीवन में...
विभिन्‍न संस्‍थानों के माध्‍यम से निरंतर आकलन और जांच के दायरे में रहती है, वहीं न्‍यायपालिका को सामान्‍यत: ऐसी जांच का सामना नहीं करना पड़ता। उन्‍होंने कहा कि न्‍यायपालिका ने भारत की जनता के बीच बहुत विश्‍वास और प्रतिष्‍ठा बनायी है और उसे आत्‍म–मूल्‍यांकन के लिए अपनी आंतरिक प्रणालियां विकसित करनी चाहिये, ताकि वह जनता की उच्‍च आकांक्षाओं को पूरा कर सके। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि न्‍यायपालिका के लिए अच्‍छा बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकता है और 14वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत न्‍यायपालिका को सशक्‍त बनाने के लिए 9749 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। उन्‍होंने कहा कि न्‍यायपालिका में व्‍यापक बदलाव लाने के लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत यहां टैक्‍नॉलोजी लायी जानी चाहिए। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि न्‍यायपालिका में उत्‍तम लोगों की आवश्‍यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह बुनियादी सुविधाओं के साथ साथ मानव संसाधन के बारे में भी उतने ही चिंतित हैं।