--महाकवि सूरदास जी की 537 वीं जयंती के अवसर आयोजित की गयी संगोष्ठी
--सूरसदन परिसर में महाकवि की प्रतिमा परकिया गया माल्यापर्ण
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| (केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के रजिस्ट्रार सी के त्रिपाठी सूरदास जी पर विचार व्यक्त करते हुए) |
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| (सूर कुटी संगोष्ठी में साहित्यकारों की रही बडी संख्या में रही भागीदारी) |
कि वह कोशिश करेंगे कि केन्द्रीय हिन्दी संस्थान इसके लिये यथा संभव योगदान दे।
डा भीम
राव अम्बेडकर वि वि के पूर्व कुल सचिव डा राम अवतार शर्मा की अध्यक्षता एवं
सेंटजोस कॉलेज के हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डा मधुरिमा शर्मा के संचालन में
लगभग तीन घंटे तक चली संगोष्ठी में वरिष्ठ कवि सोम ठाकुर, डा शशि तिवारी, शिव
सागर, डा श्री भगवान शर्मा,शीलेंन्द्र वशिष्ठ, लेखराज शर्मा,ब्रज बिहारी बिरजू,
डा अखिलेश श्रोत्रिय आदि ने साहित्यिक रचनाओं को प्रस्तुत किया ,अन्य विचार
व्यक्त करने वालों में पूर्व विधायक बदन सिह, पूर्व विधायक सुरेश चन्द्र
गुप्ता,वत्सला प्रभाकर, भुवनेश श्रोत्रिय, डेनियल मसीह, वत्सला प्रभाकर,तथा
पद्म स्वरूप गुप्ता भी शामिल थे।पूर्व में सूर कुटी विद्यालय के दृष्टिहीन
बच्चों के द्वारा सूरदास जी के पदां पर आधारित पदों को प्रस्तुत किया।प्रख्यात
गजल गायक सुधीर नारायण के द्वारा सूरदास जी के पदो पर आधारित रचनाओं की संगीत मय प्रस्तुति की।कार्यक्रम के अंत
में मंडल की महामंत्री डा विजय लक्ष्मी शर्मा ने मंडल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
की जब कि कार्यक्रम संयोजक डा गिरीश चन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
प्रात:सूरस्मारक
मंडल के तत्वावधान में सूर सदन पर आयोजित कार्यक्रम में नागरी प्रचारिणी सभा
आगरा की अध्यक्ष डा सरोज गौरिहार,पूर्व मेयर अंजुला सिह माहौर, आगरा विकास
प्राधिकरण के सचिव कै प्रभांशु श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री डा राम बाबू हिरत आदि
ने महाकवि की परिसर में स्थापित प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।

