30 मार्च 2015

इंजीनि‍यरिग कॉलेज के छात्र की हत्या को लेकर भारी आक्रोष

--कैंडि‍ल मार्च नि‍काला,बमुश्‍कि‍ल हुई एफ आई आर दर्ज

--कांग्रेस के अलावा मथुरा के भाजपा और सपा नेता प्रकरण पर बरते हुए हैं खामोश
(इंजीनि‍यरि‍ग कॉलेज के छात्र उत्‍पल यादव के द्वारा की गयी
आत्‍म हत्‍या से आक्रोषि‍त वि‍द्यार्थीयों ने नि‍काला कैंडि‍ल मार्च)

आगरा, मंडल के मथुरा जनपद में इंजीनि‍यरिग कालेज के बीस वर्षि‍य छात्र उत्पल यादव के द्वारा की गयी आत्‍म हत्‍या के मामले में नामजद एफ आई आर हो जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाही नहीं हो पाने से छात्रों में आक्रोष की स्‍थि‍ति‍ बनी हुई है। दर्ज मुकदमें में बीएसए इंजीनियरिंग कालेज के चेयरमैन, विभागाध्यक्ष व दो प्रवक्ताओं पर छात्र का उत्‍पीडन करने तथा अत्‍महत्‍या को
उकसाने का आरोप लगाया गया है।
 मृतक उत्पल के पिता सुरेश यादव उर्फ धीरेंद्र सिंह यादव ने प्रोस से वार्ता करते हुए  कहाकि उम्र के इस पड़ाव पर अपने एकमात्र बच्चे को खोकर आज जिस स्थिति में वह हैं इस स्थिति में किसी और अभिभावक को न आना पडे़, वे इसीलिए इन छात्रों के साथ न्याय की मांग बुलंद करने के लिए खडे़ हुए हैं।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से शासन एवं प्रशासन से ऐसे कालेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है।मामला शायद अधि‍क तूल नहीं पकडता अगर आत्‍म हत्‍या की घटना के अगले ही दि‍न कॉलेज के ही एक अन्‍य महाराज गंज नि‍वासी छात्र ाीरज कुमार के द्वारा हॉस्‍टि‍ल की चौथी मंजि‍ल से छलांग लगाकर आत्‍म हत्‍या का प्रयास नहीं कि‍या गया होता।
आक्रोषि‍त छात्रों ने कॉलेज परि‍सर के बाहर से मुख्‍य बाजारों से होकर वि‍कास मार्केट तक, ‘वी वान्ट जस्टिस’, ‘यू कैन किल माई बाडी, नाट माई वायस’, ‘सेव आवर फ्यूचरजैसे नारे लिखे बैनर तथा तख्तियां लिए हुए
 कैंडि‍ल मार्च नि‍काला । जहां महत्‍मागंधी की प्रति‍मा के समक्ष श्रद्धाजलि‍ सभा की तथा दोषि‍यों के खि‍लाफ कडी कार्रवाही की मांग की।वि‍द्याथ्रि‍यों का कहना है कि‍ इंजीनि‍यरि‍ग कालेज के छात्रों को भारी तनाव मय माहैल से गुजरना पड रहा है।पढाई और उनके कारण परि‍वारों पर पडने वाला आर्थि‍क बोझ तो इसका कारण है ही ऊपर से कालैज प्रशासन का अनुचि‍त रहने वाला दबाव उनके लि‍ये घोर नि‍राशा का माहौल उत्‍पन्‍न कर रहा है।

अपनी राजनैति‍क सरगर्मि‍यों के कारण खास पहचान रखने वाले मथुरा के राजनीति‍ज्ञ इस मामले में पूरी तरह से उदासीन साबि‍त हुए हैं।सत्‍ताधारी समाजवादी पार्टी ओर केन्‍द्र में काबि‍ज भाजपा का कोई भी प्रति‍नि‍धि‍ वि‍द्यार्थि‍यों से मुलाकात करने नहीं आया।कांग्रेस को भी मैनेज करने की कोशि‍श की गयी कि‍न्‍तु वि‍धायक दल के नेता एवं स्‍थानीय वि‍धायक प्रदीप माथुर एक दम तल्‍ख तेवरों के कारण अंतत:पुलि‍स को हरकत में आना ही पडा।