भारत और जापान के बीच रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक 30 मार्च को टोक्यो में हुई। भारत के रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर 29 मार्च से 1 अप्रैल, 2015 तक जापान के द्वीपक्षीय दौरे पर हैं। श्री पर्रिकर जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के आमंत्रण पर टोक्यो में हैं।
यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और भविष्यगामी माहौल में हुई। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों में अपने यहां की सुरक्षा बंदोबस्त और रक्षा नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। एशिया-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा परिस्थितियों पर जोर देते हुए उन्होंने रणनीति विकास की समीक्षा की। दोनों का मानना था कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत-जापान विशेष रणनीति और वैश्विक साझेदारी की अहम भूमिका है।
दोनों मंत्रियों ने द्वीपक्षीय रक्षा आदान-प्रदान में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। सितंबर 2014 में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान रक्षा के क्षेत्र में सहयोग और आदान-प्रदान के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। ज्ञापन में द्वीपक्षीय रक्षा संबधों को सुदृढ करने पर जोर दिया गया है। दोनों रक्षा मंत्रियों ने आपस में जारी समुद्री सहयोग की सराहना की।
यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और भविष्यगामी माहौल में हुई। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों में अपने यहां की सुरक्षा बंदोबस्त और रक्षा नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। एशिया-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा परिस्थितियों पर जोर देते हुए उन्होंने रणनीति विकास की समीक्षा की। दोनों का मानना था कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत-जापान विशेष रणनीति और वैश्विक साझेदारी की अहम भूमिका है।
दोनों मंत्रियों ने द्वीपक्षीय रक्षा आदान-प्रदान में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। सितंबर 2014 में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान रक्षा के क्षेत्र में सहयोग और आदान-प्रदान के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। ज्ञापन में द्वीपक्षीय रक्षा संबधों को सुदृढ करने पर जोर दिया गया है। दोनों रक्षा मंत्रियों ने आपस में जारी समुद्री सहयोग की सराहना की।
