मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है कि महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध के मुद्दे से निपटने के लिए जांच, मुकदमा और न्यायालय की प्रक्रिया नामक अपराध न्याय प्रणाली के विभिन्न घटकों को मजबूत करने की आवश्यकता है।गृह मंत्रालय ने प्रारम्भिक तौर पर शीर्ष आधार पर प्रत्येक राज्य के सर्वाधिक अपराध संभावित जिले में ऐसी 150 आईयूसीएडब्ल्यू ईकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। आईयूसीएडब्ल्यू की चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि इन ईकाइयों में 15 कार्मिक शामिल होंगे जिसमें पांच महिलायें होंगी। इसके लिए नये पदों का सृजन करने अथवा मौजूदा कार्मिकों में से पदस्थापित करने का पूरा अधिकार राज्य सरकार का होगा। प्रत्येक आईयूसीएडब्ल्यू का शीर्ष अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक के दर्जे का अधिकारी होगा और इसमें दो पुलिस उपाधीक्षक सहायता करेंगे। इन 150 आईयूसीएडब्ल्यू के लिए आवश्यक कुल 2250 कार्मिकों में से 750 महिलायें होंगी। इसके लिए प्रति वर्ष 84 करोड़ रूपये का कुल व्यय होगा जिसमें से केन्द्र द्वारा 42 करोड़ रूपये दिए जायेंगे।
5 जनवरी 2015
सरकार महिलाओं के विरूद्ध अपराधों पर जांच ईकाइयां स्थापित करेगी
मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है कि महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध के मुद्दे से निपटने के लिए जांच, मुकदमा और न्यायालय की प्रक्रिया नामक अपराध न्याय प्रणाली के विभिन्न घटकों को मजबूत करने की आवश्यकता है।गृह मंत्रालय ने प्रारम्भिक तौर पर शीर्ष आधार पर प्रत्येक राज्य के सर्वाधिक अपराध संभावित जिले में ऐसी 150 आईयूसीएडब्ल्यू ईकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। आईयूसीएडब्ल्यू की चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि इन ईकाइयों में 15 कार्मिक शामिल होंगे जिसमें पांच महिलायें होंगी। इसके लिए नये पदों का सृजन करने अथवा मौजूदा कार्मिकों में से पदस्थापित करने का पूरा अधिकार राज्य सरकार का होगा। प्रत्येक आईयूसीएडब्ल्यू का शीर्ष अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक के दर्जे का अधिकारी होगा और इसमें दो पुलिस उपाधीक्षक सहायता करेंगे। इन 150 आईयूसीएडब्ल्यू के लिए आवश्यक कुल 2250 कार्मिकों में से 750 महिलायें होंगी। इसके लिए प्रति वर्ष 84 करोड़ रूपये का कुल व्यय होगा जिसमें से केन्द्र द्वारा 42 करोड़ रूपये दिए जायेंगे।
