--बिजली संकट से जूझते यू पी को मिली राहत
आगरा:ताज सिटी ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश को अब कोयले
की किल्लत के कारण बढती जा रही बिजली की किल्लत से नहीं जूझना पडेगा।खनन
कर्मियों ने कोयला उद्योग के निजीकरण करने की केन्द्र रकार की नीति के विरुद्ध
यह हडताल की थी। कोल इंडिया लिमिटिड पूरी तरह से हउताल से प्रभावित हो गया
था।फलस्वरूप पहले से ही बिजली संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में और बडे बिजली संकट की स्थिति
बनती जा रही थी। राज्य के अधिकांश थर्मल पार यूनिटो के पास केवल दो ही दिन का
कोयला बचा था। बिजली मंत्रीपीयूष गोयल के बातचीत के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। अगर हडताली कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं होते तो दो दिन बाद कोयले का स्टॉक खत्म होते ही बिजलीघरों का उत्पादन ठप्प होने का अंदेशा था। निजीकरण के विरोध में शुरू हुई पांच दिनों की कोयला कर्मियों की हड़ताल को देश के 12 लाख बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं ने समर्थन दिया था। बाम पंथी पार्टियों का जहां हडताल को खुला समर्थन था ,वहीं अन्य राजनैतिक दल केवल हडताल को समाप्त करने की बात तक ही सीमित थे ।घाटे में चल रहे सार्वजनिक उद्यमों के निजीकरण किये जाने के मामले में चुप्पी लगाये हुए थे।