आगरा,विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था लगभग चरमरा गयी है,ताज ट्रिपेजियम जोन में आगरा जनपद होने के बावजूद बिजली आपूर्ति दिन में मुश्किल से चार पांच घंटे ही हो रही है।वह भी किश्तों में । इस अव्यवस्था से जहां जनपद भर में काम धंधे बन्द हैं,वहीं नागरिक जनजीवन बेहाल है।
इसकी हालत और भी खराब है। बिजली चोरी के नाम पर धरपकड करवाने की धमकी देकर नागरिक असंतोष को दबाया जा रहा है।
कुछ दिनपूर्व भारतीय जनता पार्टी की ओर से कमिश्नर को एक ज्ञापन देकर बने हुए हालातों पर चिता जतायी गयी थी।भारी जनसमूह इस अवसर पर निकाले गये जुलूस में शामिल था किन्तु शासन के द्वारा इस प्रदर्शन को जनाक्रोष प्रदर्शन के स्थान पर भाजपा के राजनैतिक पैंतरे के रूप में लिया गया।
तमाम सपाईयों ने प्रदर्शन के नेतृत्व कर्त्ताओं में प्रमुख ,सासद रामशंकर कठैरिया पर कटाक्ष कर विभिन्न मंचों के माध्यम से जानना चाह है कि केन्द्र से कोयला क्यों नहीं दिलवाते।वहीं गैर सपाई नागरिकों ने सांसद से जानना चाह हे कि हो कता है कि सपाई और स्वयं मुख्यमंत्री राजनैतिक बात कर रहे हो किन्तु वही दिल्ली की स्थिति स्पष्ट कर दे कि आखिर केन्द्र यू पी को बिजली या अपना उत्पादन बढाये जाने को कोयला क्यो नहीं दे रहा है।आगरा ही नहीं यहां से भी बदतर स्थिति मथुरा जनपद की है।स्थानीय सांसद श्रीमती हेमामालिनी नागरिको को अपनी समस्याओं से रूबरू होने को कोशिशों के बावजूद उपलब्ध नहीं हो पा रहीं।
अब कम से कम मिट्टी का तेल यानि कैरोसिन तो उपलब्ध करवाया ही जाये
आगरा के नागरिकों की केन्द्र से मांग है कि अगर कोयला नहीं दे पा रहे हो तो यू पी के लिये कैरोसिन आयल ही उपलब्ध करवा दें।कम से कम रुका सा पडा जनजीवन गतिशील तो हो सके।यू पी सरकार से भी केन्द्र से मिट्टी के तेल की मांग करने और राशन की दूकानों से एपीएल कार्ड धारकों को भी पांच पाच लिटर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने की मांग की है।वर्तमान में यू पी में लागू व्यवस्था के अनुसार बी पी एल कार्डधारकों या उन्हें जिनके घरों पर बिजली का कनैक्षन नहीं होता उन्हें ही मिट्टी का तेल मिलता है।
