19 सितंबर 2014

ऊसर से मोती लाल नेहरू पार्क तक हरि‍याली की दास्‍तान

(मोती लालनेहरू पार्क)


 
आगरा, महानगर के सबसे  खूबसूरत और मनमोहक पार्क के रूप में पहचाने  वाला मोतीलाल नेहरू पार्क कभी यमुना तट का एक ऊसर था जहां मानूसन काल के बाद सि‍चाई का कोई इंतजाम नहीं था। इसी क्षेत्र में कुछ पुरानी मुगल कालीन हवेलि‍यां भी जीर्णशीर्ण स्‍थि‍ति‍ में थीं।इन्‍हीं को हटाकर नदी तटीय इस भाग को हरे भरे उद्यान के रूप में वि‍कसि‍त कर दि‍या गया। इस नये वि‍कसि‍त पार्क का नाम नार्थवेस्‍टर्न प्रोवि‍सं आगरा एंड अवध के 1895 से 1901तक लैफ्टीनेंट गवर्नर जनरल रहे एन्‍टोनी मैकडोनाल्‍ड को सम्‍मान दि‍ये जाने के लि‍ये उन्‍हीं के नाम पर मैकडोनाल्‍ड पार्क रख दि‍या गया। बाद में जब महारनानी वि‍क्‍टोरि‍या के नि‍धन के बाद उनकी स्‍मृति‍ को स्‍थयी बनाये जाने के लि‍ये जब इंग्‍लैंड की संसद ने (Act No. 18 of 1905 An Act to grant and apply out of the Consolidated Revenue Fund the sum of Twenty-Five thousand pounds for the purposes of the erection of a Memorial in honour of the late Queen Victoria.)बनाया तो 'ब्रटि‍श इंडि‍या सब कांटीनेंट' में भी वि‍क्‍टोरि‍या की 50 मूर्ति‍यां लगााई गयी।

इन्‍हीं में से एक मूर्ति‍ आगरा में भी लगायी गयी। जब आगरा में स्‍थान चयन का मामला आया तो मैकडोनाल्‍ड पार्क सबसे महत्‍वपूर्ण और उपयुक्‍त पाया गया गया। 


(क्‍ि‍वन वि‍क्‍टोरि‍या की प्रति‍मा जि‍सका अनारण जार्ज पंचम और क्‍वि‍न मैरी ने 1905 में कि‍या था।चि‍त्र प्रदाता ए जे चौहान प्राध्‍यापक सेंटजोंस कॉलेज,आगरा)

ताजमहल से इस पार्क की नि‍कटता और कि‍ले के सामने होना इसका अन्‍य बडे आकर्षण थे।महारानी के अजीज रहे आगरा के हाफि‍ज अब्‍दुल करीम की इसस्‍थान पर ही मूर्ति‍ लगाया जाने को लेकर खास हि‍मायत थी।वैसे भी तत्‍कालीन गर्वनर जनरल लार्ड कर्जन मि‍ मैकडोनाल्‍ड से आंतरि‍क रूप से काफी मतभेद रखते थे। बस फि‍र कया था पार्क का नाम वि‍क्‍टोरि‍या पार्क हो गया और इसे आगरा नहर के इरीगेशन सि‍स्‍टम (रोहता राजवाह उखर्रा माईनर )से जोड हराभरा रखने का स्‍थायी इंतजाम कर दि‍या गया। प्रिंस आफ वेल्‍स (जार्ज पंजम )और क्‍वि‍न मेरी ने  इन मूर्ति‍यों का अनावरण कि‍या। 

(कि‍ले के सामने और यमुना नदी के कि‍नारे का ऊर जि‍से मैकडोनाल्‍ड पार्क के रूप में तब्‍दील कर दि‍या गया )

(नार्थ वैस्‍टर्न प्रोवि‍स आगरा और अवध के (1895-1901)लै गर्नर एन्‍टोनी मैकडोनाल्‍ड)
ब्रटि‍श शान में यह अपने कि‍स्‍म की एक वि‍शि‍ष्‍ट घटना है जब कि‍ आई सी एस संवर्ग के लैफ्टीनेट गर्वनर और भारत सरकार के ग्रह सचि‍व जैसे उच्‍च पद पर पदस्‍थ रहे वयक्‍ति‍ का उसके सेवाकाल के दौरान ही  कि‍सी स्‍मारक से नाम हटाने की कूटनीति‍ की गयी हो।आजादी के बाद इस पार्क का प्रशासनि‍क तौर पर शाहजहा पार्क और वि‍क्‍टोरि‍या पार्क के रूप में वि‍भाजन कि‍या गया। बाद में वि‍क्‍टोि‍रया की प्रति‍मा को हटाकर मातीलाल नेहरू की प्रति‍मा लगवा दी गयी।

                                            मोतीलाल  जी थे आगरा के सपूत


राजनीति‍ में ऊचाईयां छूने वाले रहे मातीलाल जी आगरा के माईथान मौहल्‍ले में जन्‍मे थे ।बाद में यहीं से इलहाबाद शि‍फ्ट हो गये थे।आगरा के कांग्रेसि‍यों ने उनकी स्‍मृति‍ में यहां एक स्‍माकरक भी बनवाय और घटि‍या आजम खां से होकर जीवनी मंडी रोड का नाम भी उन्‍हीं के नाम पर प मोती लाल नेहरू मार्ग रखवाया।राजनीति‍ में सक्रि‍यआगरा से जुडे  कई तत्‍कालीन वरि‍ष्‍ठ नेता सोचते थे कि‍ अपने पि‍ता के प्रति‍ प्रदर्शि‍त अगाध श्रद्धा से शायद पंडि‍त जाहर लाल नेहरू की उनके प्रति‍  कुछ उदारता संभ हो जाये किर्‍न्‍तु यह नहीं हो सका।पडि‍त नेहरू इन कार्यक्रमो के प्रति‍ उदासीनता ही दर्शाते रहे ।यह बात अलग है कि‍ और बहुत से काम उन्‍होंने पूरी उदारता के साथ आगरा के लि‍ये करवाये।जि‍नमंें रूरल इलैक्‍ट्रि‍ फि‍केशन की शुरू आत भी देश में यही के लडामदा गांव से होना है।
                                              अब मैगा प्रोजेक्‍ट
कि‍ले के सामने ऊस से मातीलाल पार्क बनाये जाने वाले सघन हि‍रत क्षेत्र को एक बार फि‍र से सुधारा जा रहा है कि‍न्‍तु इस बार मामला मूर्ति‍यों का न होकर हरि‍त क्षेत्र और ताजमहल से इसकी नि‍कटता होना मुख्‍य है। पार्क की शुरूआत में क्‍या स्‍थति‍ थी 1यह दर्शाने वाला फोटो 1860 का है।इसे ताज म्‍यूनि‍स्‍पि‍ल म्‍यूजि‍यम पालीवाल पार्क के मानद.क्‍यूरेटर इति‍हास वि‍द् राजकि‍शोर राजे ने उपलब्‍ध करवाया ।पालीवाल पार्क ईको क्‍लब के फ्रंट लाइन एक्‍टवि‍स्‍ट श्री अनि‍ल शर्मा जो उस समय मौजूद थे ,ने कहा कि‍ 'कोई भी क्षेत्र कि‍तना भी हराभरा हो कता है इसका इससे बडा एवीडेंस और कया हो सकता है'।