ताजमहल से इस पार्क की निकटता और किले के सामने होना इसका अन्य बडे आकर्षण थे।महारानी के अजीज रहे आगरा के हाफिज अब्दुल करीम की इसस्थान पर ही मूर्ति लगाया जाने को लेकर खास हिमायत थी।वैसे भी तत्कालीन गर्वनर जनरल लार्ड कर्जन मि मैकडोनाल्ड से आंतरिक रूप से काफी मतभेद रखते थे। बस फिर कया था पार्क का नाम विक्टोरिया पार्क हो गया और इसे आगरा नहर के इरीगेशन सिस्टम (रोहता राजवाह उखर्रा माईनर )से जोड हराभरा रखने का स्थायी इंतजाम कर दिया गया। प्रिंस आफ वेल्स (जार्ज पंजम )और क्विन मेरी ने इन मूर्तियों का अनावरण किया।
![]() |
| (किले के सामने और यमुना नदी के किनारे का ऊर जिसे मैकडोनाल्ड पार्क के रूप में तब्दील कर दिया गया ) |
![]() |
| (नार्थ वैस्टर्न प्रोविस आगरा और अवध के (1895-1901)लै गर्नर एन्टोनी मैकडोनाल्ड) |
मोतीलाल जी थे आगरा के सपूत
राजनीति में ऊचाईयां छूने वाले रहे मातीलाल जी आगरा के माईथान मौहल्ले में जन्मे थे ।बाद में यहीं से इलहाबाद शिफ्ट हो गये थे।आगरा के कांग्रेसियों ने उनकी स्मृति में यहां एक स्माकरक भी बनवाय और घटिया आजम खां से होकर जीवनी मंडी रोड का नाम भी उन्हीं के नाम पर प मोती लाल नेहरू मार्ग रखवाया।राजनीति में सक्रियआगरा से जुडे कई तत्कालीन वरिष्ठ नेता सोचते थे कि अपने पिता के प्रति प्रदर्शित अगाध श्रद्धा से शायद पंडित जाहर लाल नेहरू की उनके प्रति कुछ उदारता संभ हो जाये किर्न्तु यह नहीं हो सका।पडित नेहरू इन कार्यक्रमो के प्रति उदासीनता ही दर्शाते रहे ।यह बात अलग है कि और बहुत से काम उन्होंने पूरी उदारता के साथ आगरा के लिये करवाये।जिनमंें रूरल इलैक्ट्रि फिकेशन की शुरू आत भी देश में यही के लडामदा गांव से होना है।
अब मैगा प्रोजेक्ट
किले के सामने ऊस से मातीलाल पार्क बनाये जाने वाले सघन हिरत क्षेत्र को एक बार फिर से सुधारा जा रहा है किन्तु इस बार मामला मूर्तियों का न होकर हरित क्षेत्र और ताजमहल से इसकी निकटता होना मुख्य है। पार्क की शुरूआत में क्या स्थति थी 1यह दर्शाने वाला फोटो 1860 का है।इसे ताज म्यूनिस्पिल म्यूजियम पालीवाल पार्क के मानद.क्यूरेटर इतिहास विद् राजकिशोर राजे ने उपलब्ध करवाया ।पालीवाल पार्क ईको क्लब के फ्रंट लाइन एक्टविस्ट श्री अनिल शर्मा जो उस समय मौजूद थे ,ने कहा कि 'कोई भी क्षेत्र कितना भी हराभरा हो कता है इसका इससे बडा एवीडेंस और कया हो सकता है'।
अब मैगा प्रोजेक्ट
किले के सामने ऊस से मातीलाल पार्क बनाये जाने वाले सघन हिरत क्षेत्र को एक बार फिर से सुधारा जा रहा है किन्तु इस बार मामला मूर्तियों का न होकर हरित क्षेत्र और ताजमहल से इसकी निकटता होना मुख्य है। पार्क की शुरूआत में क्या स्थति थी 1यह दर्शाने वाला फोटो 1860 का है।इसे ताज म्यूनिस्पिल म्यूजियम पालीवाल पार्क के मानद.क्यूरेटर इतिहास विद् राजकिशोर राजे ने उपलब्ध करवाया ।पालीवाल पार्क ईको क्लब के फ्रंट लाइन एक्टविस्ट श्री अनिल शर्मा जो उस समय मौजूद थे ,ने कहा कि 'कोई भी क्षेत्र कितना भी हराभरा हो कता है इसका इससे बडा एवीडेंस और कया हो सकता है'।


%2B%E0%A4%AA%E0%A4%B0%2B%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%2B%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F%E0%A5%A4.jpg)
