विकासशील देशों की डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय बैठक 13 से 14 मई को नई दिल्ली में आयोजित होगी। भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।बैठक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब बहुपक्षीय नियम आधारित व्यापार प्रणाली कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। सदस्यगण एकपक्षीय उपाय/निर्णय ले रहे हैं और इसके जवाब में अन्य उपाय किये जा रहे हैं। परिणाम स्वरूप परस्पर बातचीत के कई क्षेत्रों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। अपीलीय निकाय में भी गतिरोध हैं। इससे डब्ल्यूटीओ के विवाद समझौता प्रक्रिया के अस्तिव पर भी खतरा मंडरा रहा है। इससे एक प्रभावी बहुपक्षीय संगठन के रूप में डब्ल्यूटीओ भी प्रभावित हो रहा है। डब्ल्यूटीओ के डी जी और 16 विकासशील देश व 6 अल्प विकसित देश- (अर्जेंटीना, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेनिन, ब्राजील, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (सीएआर), चाड, चीन, मिस्र, ग्वाटेमाला, गुयाना, इंडोनेशिया, जमैका, कजाकिस्तान, मलावी, मलेशिया, नाइजीरिया, ओमान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, युगांडा) इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
