वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि वृहद आर्थिक संकेतक अब बेहतरी के लक्षण दर्शाने लगे हैं और विभिन्न ढांचागत सुधारों ने राज्यों की भागीदारी के जरिये सतत विकास में योगदान देना शुरू कर दिया है। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में खर्च बढ़ाने के साथ-साथ पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी करने की जरूरत पर भी विशेष बल दिया। श्री सिन्हा ने कहा कि इसके साथ ही राजकोषीय मजबूती के मार्ग पर बने रहने का प्रयास करने की भी आवश्यकता है। श्री सिन्हा राज्यों के प्रधान वित्त सचिवों,राज्यों के वित्त सचिवों की पहली बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने समावेशी विकास के लिए प्राथमिकताएं तय करने पर विशेष बल दिया, जिसके अंतर्गत गरीबों की सहायता को ध्यान में रखना आवश्यक है।सिन्हा ने वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), निवेश को बढ़ावा देकर एवं कर्ज से जुड़े मुद्दे सुलझा कर कृषि क्षेत्र में बाधाएं हटाने और गैर-नियोजित शहरीकरण की समस्या से निपटने पर भी विशेष जोर दिया।
