4 सितंबर 2026

आगरा में पैदल चलना हुआ मुश्किल, मार्गों पर फुटपाथ और सुरक्षित रास्ते का अभाव

 

आगरा। शहर में सड़कों के निर्माण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम हो रहा है, लेकिन पैदल चलने वाले लोगों के लिए सुरक्षित रास्ते की समस्या अब भी बनी हुई है। शहर के कई मार्गों पर या तो फुटपाथ नहीं हैं या फिर फुटपाथ होने के बावजूद वहां पैदल चलने की पर्याप्त जगह नहीं बची है।

कई स्थानों पर फुटपाथ पर दुकानदारों का सामान, ठेले, वाहन और अन्य सामान रखा दिखाई देता है। इससे पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है। व्यस्त मार्गों पर तेज गति से दौड़ते वाहनों के बीच पैदल चलना लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ाता है।

आगरा में कई मार्गों पर फुटपाथ और सुरक्षित पैदल पार पथ की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानिए शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं की स्थिति।

सड़क पार पैदल यात्रियों की परेशानी का असर पर्यटन पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ताजमहल देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आगरा पहुंचते हैं, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पैदल चलने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित रास्ते नहीं होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। पर्यटकों के लिए केवल ऐतिहासिक स्मारक ही आकर्षण नहीं होते, बल्कि शहर में आने-जाने का अनुभव

भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पैदल यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था आगरा में पर्यटकों के ठहराव को बढ़ाने में मदद कर सकती है?करने की स्थिति भी कई जगह गंभीर है। जिन मार्गों पर लोगों की आवाजाही अधिक है, वहां सुरक्षित पैदल पार पथ, संकेतक और यातायात नियंत्रित करने की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को वाहनों के बीच से सड़क पार करनी पड़ती है।

बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए यह परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने के लिए कई बार लोगों को काफी दूरी तय करनी पड़ती है।

आगरा से संबंधित पूर्व यातायात अध्ययन में भी फुटपाथों पर अतिक्रमण और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित सड़क पार करने की व्यवस्था की कमी का उल्लेख किया गया था। शहर के सड़क निर्माण संबंधी योजनाओं में पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त और बाधारहित स्थान उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई गई है।

शहर में लगातार नए सड़क और सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि सड़कों के विकास के साथ पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते को प्राथमिकता कब मिलेगी?

आगरा के विकास को केवल चौड़ी सड़कों और तेज यातायात से नहीं देखा जा सकता। शहर तब सुरक्षित माना जाएगा, जब एक आम नागरिक बिना डर के अपने घर से बाजार, विद्यालय, अस्पताल या कार्यस्थल तक पैदल पहुंच सके।

सवाल अब यह है कि बढ़ते आगरा में वाहनों के लिए रास्ते तो बढ़ रहे हैं, लेकिन पैदल चलने वाले लोगों के लिए सुरक्षित रास्ता कब बनेगा?