5 मई 2026

सत्यजीत रे जयन्ती जयंती मनाई, आशा भोंसले को समर्पित गानों का भी हुआ प्रस्तुतिकरण

--सांस्कृतिक सरोकार को समर्पित हम लोगसंस्था ने किया आयोजन 

सत्यजीत रे के सृजन पर आयोजित संगोष्ठी के सहभागी
'हमलोग ' के द्वारा किये गये सम्मानित।

आगरा। साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, हम लोग के तत्वावधान में सत्यजीत रे जयन्ती पर उनके कृत्वि और व्यक्तित्व पर संगोष्ठी, स्व. आशा भोंसले को गीतांजलि के कार्यक्रम आयोजित किये गये।मशहूर फिल्म डायरेक्टर ऑस्कर प्राप्त लेखक सत्यजीत रे की जन्म जयंती पर स्थापित संस्था हम लोग के तत्वाधान में बाग मुजफफरखॉ में सत्यजीत रे कतित्व और व्यक्तित्व पर स्थित सांस्कृतिक केंद्र पर संगोष्ठी व संगीत सुर मलिका दिवंगत सुर माल्ल्किा आशा भोंसले को समर्पित गीत व संगीत संध्या का आयोजन किया गया। जिसका उद्‌घाटन मां शारदे व दोनों दिवंगत हस्तियों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर मुख्य मुख्य अतिथि समाज सेविका सांस्कतिक कर्मी संध्या जोशी व फिल्म जगत से जुड़े शैलेन्द्र नरवार, नितिन मेहरा, संस्था अध्यक्ष अनिल अरोरा 'संघर्ष

', राजीव शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेवी सुनीता मेहरा ने संयुक्त रूप से किया।

रेकी फिल्मों का वैश्विक महत्व

विषय प्रवर्तन करते हुए संस्था अध्यक्ष अनिल अरोरा 'संघर्ष' ने कहा कि उनकी फिल्में व कहानियों पाथेर पांचाली, चारुलता लीचा नगर ने भारतीय सिनेमा जगत को विश्व पटल पर गौरवपूर्ण स्थान दिलाया है। वे वास्तविक रूप से भारत व विश्व के उत्कृष्ट फिल्म निर्देशक व पुरोधा थे। मुख्य वक्ता शैलेन्द्र नरवार ने कहा कि वैश्विक जगत पर भारतीय फिल्मों को अंकित कराने में तथा भारतीय फिल्मों को ऑस्कर तक

पहुंचाने में उनकी महान भूमिका है। सत्यजीत रे भारतीय फिल्म जगत की एक समृद्ध हस्ती थे। फिल्मी दुनिया से जुड़े नितिन मेहरा ने कहा कि उनकी कहानियों की सादगी व उनके किरदार काफी गहराई लिये हुए समाज की यथार्थ स्थिति को बयां करते हैं। प्रिया पाण्डेय (रंगकर्मी), अभय सिंह, पूनम वरुण, हरदेव भदौरिया, सुनीता मेहरा, सुनीता जैन (फिल्मी कलाकार), कुलदीप जैन ने भी सत्यजीत

--घर घर में सुने जाते हैं आशा के तराने

रे को भारतीय सिने जगत का मजबूत आधार स्तम्भ बताया। संचालन अभय सिंह ने करते हुए द्वितीय चरण में आयोजित आशा भोंसले को समर्पित गीत "कजरा मोहब्बत वाला", मुख्य अतिथि संध्या जोशी व संस्था अध्यक्ष अनिल अरोरा संघर्ष ने "तोरा मन दर्पण कहलाये", राजीव शर्मा, नितिन मेहरा ने "जाइये आप कहाँ जायेंगे", कुलदीप जैन, प्रिया पाण्डेय, पूनम वरुण, सोनी अग्रवाल, हरदेव भदौरिया, भारतीय संगीत का गौरव बढ़ाते हुए आशा भोंसल को संगीतमयी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। आभार व्यक्त सुनीता मेहरा ने किया।कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष अनिल अरोरा संघर्षने कार्यक्रम में सहभागियों का आभार जताया।