आगरा पर एक प्रसिद्ध पुस्तक In the Shadow of the Taj: A Portrait of Agra आगरा के इतिहास, संस्कृति और शहर की विविधताओं को समझने के लिए एक अनूठा स्रोत है। यह किताब सिर्फ ताजमहल तक सीमित नहीं है बल्कि शहर की गली‑निक्कों, पुरानी हवेलियों, बाजारों और स्थानीय जीवन के रंगीन पहलुओं का भी चित्रण करती है। लेखक रॉइना ग्रेवाल ने आगरा की सड़कों, किलों और स्मारकों की यात्रा करके शहर की विविधता और ऐतिहासिक महत्व को बड़े ही जीवंत और विस्तारपूर्वक तरीके से प्रस्तुत किया है।
यह पुस्तक 2025 में प्रकाशित हुई थी और इसमें आगरा के अतीत और वर्तमान को एक साथ दिखाया गया है। पुस्तक में बताया गया है कि कैसे मुगल साम्राज्य के समय से लेकर ब्रिटिश शासन और आधुनिक युग तक आगरा ने अनेक बदलाव देखे हैं। लेखक ने शहर के प्रमुख स्मारकों जैसे आगरा किला, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी के अलावा स्थानीय बाजारों, पुराने मोहल्लों और कला केंद्रों के माध्यम से आगरा की असली कहानी पेश की है।
पुस्तक में आगरा की सांस्कृतिक विरासत पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह शहर सिर्फ ताजमहल के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहाँ की स्थानीय कला, हस्तशिल्प, मिठाई उद्योग, और सामाजिक जीवन भी इसे विशेष बनाते हैं। लेखक ने स्थानीय लोगों के जीवन, उनकी
परंपराओं, त्यौहारों और बदलते शहर की चुनौतियों पर गहन दृष्टि डाली है। उनके वर्णन से पाठक महसूस कर सकते हैं कि आगरा का इतिहास और आधुनिक जीवन कितने खूबसूरती से एक-दूसरे में बंधे हुए हैं।इस पुस्तक का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह पाठकों को आगरा की अदृश्य कहानियों और छिपे हुए नज़ारों से परिचित कराती है। जैसे कि पुराने मंदिरों, गुमनाम हवेलियों और पारंपरिक बाजारों की कहानियाँ, जो आमतौर पर यात्रा पुस्तकों में कम देखने को मिलती हैं। लेखक ने आगरा के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश को भी उजागर किया है, जिससे पाठकों को यह समझने में मदद मिलती है कि कैसे एक ऐतिहासिक शहर आधुनिक दुनिया में अपनी पहचान बनाए रखता है।
