आगरा नगर निगम का उद्देश्य शहर के नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना और आगरा को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाना है। इस उद्देश्य को केवल प्रशासनिक प्रयासों से पूरा करना शायद आसान नहीं है। पार्षद इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, क्योंकि वे सीधे नागरिकों और नगर निगम के बीच संबंध स्थापित करते हैं। हालांकि, अक्सर देखा जाता है कि कई पार्षद अपने क्षेत्रों में वास्तविक सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं। इसका नतीजा यह होता है कि नागरिकों की समस्याएं समय पर पहचानी नहीं जातीं और नगर निगम की सेवाओं में सुधार की गति धीमी हो जाती है।
पार्षद अपने क्षेत्रों में नियमित संवाद स्थापित करके नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को समझ सकते हैं। वे स्थानीय मुद्दों की पहचान करके नगर निगम तक पहुँचा सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि नगर निगम द्वारा लिए गए कदम प्रभावी हों। इसके साथ ही, पार्षद नागरिकों को उनके अधिकारों
और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक कर सकते हैं और भ्रष्टाचार से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।यदि पार्षद अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ निभाएँ, तो आगरा नगर निगम की सेवाएं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध हो सकती हैं। नागरिक संतुष्टि और शहर का समग्र विकास तभी संभव है जब पार्षद अपनी भूमिका को केवल औपचारिक न मानें, बल्कि वास्तविक बदलाव के लिए प्रयासरत रहें। पार्षद नगर निगम और नागरिकों के बीच पुल की तरह हैं। उनकी सक्रिय भूमिका और प्रतिबद्धता नगर निगम को अधिक प्रभावी बनाने और आगरा को बेहतर, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। इसलिए पार्षदों का सही मायने में जिम्मेदारी निभाना ही आगरा की प्रगति और नागरिक संतुष्टि की कुंजी है।
