23 दिसंबर 2021

आगरा वासियों ने याद किया स्वतंत्रता सेनानी प्रो.डा रमेश कुमार शर्मा को

ना.प्रचारिणी सभा में आयोजित कार्यक्रम में प्रख्‍यात कवि सोम ठाकुर को
सम्‍मानित किया गया डा रमेश कुमार शर्मा स्‍मृति
 पुरुस्‍कार से । 

 -- प्रख्यात कवि सोम ठाकुर को सम्मानित किया गया 

आगरा:आजादी के अमृतोत्सव वर्ष में स्वतंत्रता सेनानानी एवं प्रमुख शिक्षाविद डा रमेश कुमार शर्मा जयंती कार्यक्रम नागरी प्रचारिणी सभा में मनाया गया,कार्यक्रम का प्रारंभ प्रख्यात कवि  सोम ठाकुर की कविता 'मेरे भारत की माटी ,चन्दन और अबीर ' से हुआ । कार्यक्रम के मुख्यातिथि जे एस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद के कुलपति एवं प्रख्यात रचनकार प्रो हरिमोहन शर्मा ने कहा कि प्रो रमेश कुमार शर्मा न केवल एक कर्मठ स्वतंत्रता सेनानी अपितु मूर्धन्य विद्वान भी थे।निसंदेह उन्होंने ही स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे अधिक यातनाये सहीं।

सभा के उपसभापति एवं समारोह के संयोजक डॉ खुशी राम शर्मा ने

आजादी अमृत वर्ष के बारे में प्रकाश डाला और मुख्यातिथि डा हरिमोन शर्मा का परिचय देते हुए आगन्तुकों का स्वागत किया। स्वतंत्रता सेनानी रोशन लाल करूणेष के पुत्र श्री संजय गुप्ता ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन में आगरा की बडी भागीदारी रही है,जो इस संघष्र गाथा के अनाम चेहरे हैं उनके बारे में खेज खबर जुटाना आज सबसे बडी चुनौती और सामायिक आवश्यकता है।

सभा की सभापति रानी सरोज गौरिहार ने प्रो. शर्मा के बारे में अपने अध्यक्षिय भाषण में कहा कि वह एक दृढ निश्चयी व्यक्ति थे, मैने और उन्होंने साथ साथ ही आजादी की लडाई लडी। सभा के उपमंत्री श्री शलभ शर्मा ,डा गिरीश चन्द्र शर्मा, डा श्री भगवान शर्मा हा राजीव सक्सेना, रमेश पंडित, अशोक रावत, अनिल अरोणा संघर्ष,अभिषेक पाराशर आदि विचार व्यक्त करने वालों में  शामिल थे।

'प्रो रमेश कुमार शर्मा ,नागरी प्रचारिणी सभा आगरा' सम्मान से इस बार श्री सोम ठाकुर को सम्मानित किया गया। डा.मंजरी शर्मा ने अपने पिता केे जम्‍मू  कश्‍मीर के रहे कार्यकाल की स्‍मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि वि विद्यालय के हिन्‍दी संकाय में ही संस्‍कृत अध्‍ययन की शुरूआत जिस सहजता के साथ उन्‍होंने करवायी आज के परिदृष्‍य में वह उनकी सूझबूझ और शिक्षाविद के रूप में उनके व्‍यक्‍तित्‍व का ही परिणाम माना जा सकता है। बाद में  तो संस्‍कृत का वि वि में एक अलग ही संकाय शुरू हो गया था।उन्‍हाेने कहा कि उस समय वि वि में हिन्‍दी-संस्‍कृत पढने वालों में सभी समुदायों और राज्‍य के सभी इलकों से आने वाले छात्र होते थे। 


उल्लेखनिय है कि 'प्रो.रमेश कुमार शर्मा जयंती समारोह' का यह आयोजन साहित्य जगत बडी भागीदारी वाला रहता आया है,कोरोना संक्रमण से पूर्व तक , स्व डा शर्मा के शिक्षक के आगरा के अलावा सेवाक्षेत्र रहे  जम्मू कश्मीर से भी शिक्षाविद और साहित्यकार आयोजन में सहभागी होने आते रहे ।