शिला लेख पट्टका का अनावरण हुआ,स्मृति संजोने को कई अन्य कार्यों पर भी विमर्ष
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महान क्रांतिकारी पं.
पं. गेंदा लाल दीक्षित |
आगरा: कभी ब्रटिश हुकूमत की चूलें हिला देने वाले प्रख्यात स्वत्रता सेनानी गेंदालाल दीक्षित की शहादत का शती कार्यक्रम उनके गांव मई (बाह तहसील) में मनाया गया । इस अवसर पर गांव में चबूतरा बनाकर उस पर शिला लेख पट्टिका को स्थापित किया गया ।स्वतंत्र योद्धा दीक्षित के बारे में अधिकाधिक लोगों को जानकारी देने के लिये चम्बल परिवार की ओर से कई दिनों से एक अभियान शुरू किया हुआ है, इसके नेतृत्व कर्त्ता धूमंतू पत्रकार शाह आलम का मानना है कि दीक्षित जी को हम वह सम्मान नहीं दे सके जिसके कि वह पात्र हैं । इसी को लेकर उन्होंने पांच सूत्रीय मांगों को आगे रखकर अभियान छेडा हुआ है । शाह आलम कई दिनों से मई गांव में अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे थे, सोमवार 21 दिसम्बर को जब दीक्षित जी की पराकृम गाथा की जानकारी देने वाला एक शिला लेख लग गया तब गांव में एकत्र जनसमूह के अनुरोध पर उन्हों ने , दीक्षित परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के द्वारा दिया गया जलग्रहण कर अनशन समाप्त किया । इस अवसर हुई जनसभा में श्री शाह आलम के द्वारा उनकी स्मृति में एक 'डॉक टिकट ' जारी करने ,एक प्रतिमा लगाये जाने आदि की मांग को भी पूरा करने के लिये जनसमर्थन
अपेक्षित किया।
गांव के प्रधान एवं क्षेत्र के ब्लाक प्रमुख ने गेंदा लाल दीक्षित को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि हमे अभिमान है कि दीक्षित जी जैसे क्रांतिवीरों की भूमि बाह है,हम सभी का दायित्व है कि उनके पैत्रिक गांव मई का भरपूर विकास के लिये जो भी संभव हो करें। प्रयास रहे कि भावी पीढी उनकी स्मृतियों से रू ब रू होकर प्रेरणा लेने लगातार आती रहे ।
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पं. गेंदालाल दीक्षित बृतांत पट्टिका स्थापित हो जाने के बाद चम्बल के घूमंतू पत्रकार शाह आलम ने तोडा अनशन। |
सिविल सोसायटी आगरा के जर्नलसैकेट्री अनिल शर्मा ने कहा कि सोसायटी जो भी संभव होगा दीक्षित जी के बारे में लोगों को जानकारियां देते रहने को हर संभव प्रयास करगी।
वरिष्ठ पत्रकार शंकर देव तिवारी ने मई गांव के बारे में एतिहासिक जानकारियां दी तथा बताया कि चम्बल घाटी अब शांत है लेकिन यहां की समस्यायें अभी कम नहीं हुई हैं। शिक्षा और औद्यौगिक विकास क्षेत्रों में अभी यहां बहुत कुछ हो सकने की संभावनायें हैं।श्री तिबारी ने कहा कि आगरा जनपद की यही एकमात्र तहसील है जो कि पूरी तरह से ताज ट्रिपेजियम जोन के एक दम बाहर है , लखनऊ से पधरे इलहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच के सीनियर एडवोकेट ने गांव में एक लाइब्रेरी खोले जाने के लिये योगदान देने की पेशकश की।
पत्रकार राजीव सक्सेना ने कहा कि 'आजादी का अमृ महोत्सव ' आयोजन के तहत गठित जनपद स्तरिय समिति के समक्ष मई गांव के इस महान क्रांतिकारी की जानकारी लाकर जो कुछ भी संभव होगा गांव के लिये जरूर करवायेंगे। उन्होंने चम्बल फाऊंडेशन और चम्बल परिवार के प्रयासों को सामायिक जरूरत बताया तथा खुशी जाहिर की कि श्री शाह आलम स्वतंत्रता योद्धाओं की गाथाओं को संजोने के मिशन में लगे हुए हैं।