प्रदेश में कोई भी भूख से खाली पेट न सोये। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी जिला अधिकारीयों पर है। इसमें उनको स्थानीय निकायों के ग्राम प्रधानों, पार्षदों और अन्य लोकल बॉडीज के कर्मचारियों की मदद भी लेनी चाहिए। हर जिले में जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी लोगों को एलपीजी सिलेंडर, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान नियमित मिलता रहे । कई जिलों में तो सामुदायिक रसोई शुरू हो गई है जहाँ नहीं शुरू हुई है वहां के जिला अधिकारी तथा प्रदेश मुख्य सचिव बात कर इसकी व्यवस्था करें। श्री योगी ने अपने सरकारी आवास पर COVID टीम -11 के साथ बैठक के दौरान कहा कि जिला अधिकारीयों को गरीबों और निराश्रितों के बीच मुफ्त भोजन वितरण के लिए जवाब देह ठहराया
जाना चाहिए। श्री योगी ने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद, सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्म्स का जानबूझकर उल्लंघन या अराजकता फैलाना एक सोची समझी साजिश है । ऐसे लोगों के साथ सख्ती बरती जा रही है ।बैठक के दौरान उन्होंने कहा, यदि किसी को राशन नहीं मिलने की शिकायत है, तो उसका राशन कार्ड तुरंत बनाया जाए और उसे 1,000 रुपये भी प्रदान किए जाएं।