ऐतिहासिक रीगल सिनेमा के बन्द होने से एक युग का अंत हो गया। दिल्ली का यह 84 साल पुराना सिनेमा हॉल 31 मार्च के बाद इतिहास के पन्नो में रह जायेगा।इसके बन्द होने से दिल्ली ही नहीं देश के सिनेमा जगत के लोगों में भरी निराशा है। जाने माने इंग्लिश वास्तुकार वाल्टर एस जार्ज द्वारा की गई डिजाइन से बने रीगल सिनेमा के बंद होने के साथ ही सिंगल स्क्रीन का एक अध्याय समाप्त हो गया। अब देश में मल्टीप्लेक्स की बाढ़ लग गई है। सिंगल स्क्रीन
सिनेमाओं की संख्या बहुत काम रह गई है । रीगल का बन्द होना जैसे एक युग का अंत हो। आजादी से पहले और आजादी के बाद के मनोरंजन के दौर की यादों से रीगल सिनेमा हमेशा जुड़ा रहेगा। रीगल में सिनेमा घर में फिल्में देखने के लिये अपने ज़माने के कई दिग्गज अभिनेता और राजनेता आया करते थे।
सिनेमाओं की संख्या बहुत काम रह गई है । रीगल का बन्द होना जैसे एक युग का अंत हो। आजादी से पहले और आजादी के बाद के मनोरंजन के दौर की यादों से रीगल सिनेमा हमेशा जुड़ा रहेगा। रीगल में सिनेमा घर में फिल्में देखने के लिये अपने ज़माने के कई दिग्गज अभिनेता और राजनेता आया करते थे।

