- 'नहीं लगता कि अखिलेश दुबारा मुख्यमंत्री बन सकेंगे'
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| प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज अपनी पुत्री डा कुन्दिका शर्मा के साथ,हाल में ही हुई एक प्रेस-कांफ्रेंस में |
आगरा: प्रख्यात कवि गोपाल दास नीरज का मोह भी समाजवादी पार्टी से भंग हो ही गया। अपनी सर्जनशीलता से ख्याति के शिखर पर पहुंचे हुए श्री नीरज पहले नहीं हैं, पूर्व में आगरा से संबधित विख्यात फिल्म अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने श्री राजबब्बर के साथ भी सपा के समाजवादियों का वर्ताव बदलाव वाला रहा, फलस्वरूप उन्हें भी पार्टी से किनारा करना पड था। श्री नीरज के पार्टी के प्रति सामने आये रूख से आगरा के लोगों का मानना है कि जब उपेक्षा कर कवियों, कलाकारों को एक ओर कर देना पडताहै तो फिर समाजवादी पार्टी
उन्हें जोडती ही कयों है।
श्री नीरज ने अपनी दुखती रग को टटोलते रहने वाले 'मीडिया मित्रों' से कहा कि मतादाताओं को बहुत सोच समझ कर मतदान करना चाहिये और अगर संभव हो तो पूर्व में जांचे परखे और जुझारू प्रत्याशियों के पक्ष में मही मतदान करें।
श्री नीरज ने कहा कि उनकी बेटी श्रीमती कुंदनिका शर्मा को सपा मुखिया के रूप में श्री मुलायम सिह यादव ने उसकी संघर्षशीलता के आधार पर टिकट दिया था.किन्तु अखिलेश यादव ने पार्टी की कमान अपने हाथ में आते ही उनका टिकट काट दिया। जबकि उन्हें मालूम था कि कुन्दिका राजनीतिमें नई नहीं हैं, कईबार पार्षद रही हैं। महिला सशक्तिकरण के हरछोटे बडे अभियान में सक्रिय भागीदार रही हैं।
श्री नीरज जो कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंत्रीमंडल सदस्य के रूप में सरकार की बौद्धिक वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में खास पहचान रहे हैं, ने कहा प्रदेश में चुनाव के बाद पूर्णबहुमत वाली सरकार के आने की उन्हें उम्मीद नहीं है, कम से कम श्री अखिलेश यादव का पुन: मंत्री बनना तो लगभग मुश्किल ही है।
