--केक
काटा, याद
दिलायी ‘मोटरकार युग’ के 131 साल
पूर्व शुरू होने की

(कार्ल बैन्ज और उनके द्वारा 1885में बनायीगगयी बनायी
गयी मर्सडीज वैन्ज)

गयी मर्सडीज वैन्ज)
आगरा:
जिंदगी की अहम जरूरत के रूप में स्थापित हो चुके आटोमोवाइल्स केबारे 1885 से
पहले केवल कल्पना ही की जाती थी जिसे कि साकार करने का काम 29 जनवरी1885 में
कार्ल फ्रेडरिक बैंज ने कर दिखाया । यह कहना है,ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का
जो कि विश्व आटो मावाइल दिवस के अवसर पर मधुसूदन
मोटर्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम को
मुख्यवक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि वैश्विक
संचार व्यवस्था
को सुविधा तथा गतिपूर्ण बनाने की खोज वाले इस दिवस ‘रफ्ता्रतार दिवस’
कहना गलत नहीं होगा। मधुसूदन हीरो की जर्नल मेनेजर श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि वर्तमान में आटो मोबाइल की तुलना सब्ज़ियों के राजा आलू की तरह है,जैसे हर सब्ज़ी में आलू डाला जाता है वैसे ही हर जगह मोटर व्हीकल है,।
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| मधुसूदन हीरो की जरनल मेनेजर सुश्री सीमा सिंह व राजीव गुप्ता ने केककाट आटोमोबाइल्स डे मनाया |
पूर्व में ऑटो मोबाइल्स एसोसिएशन के
अध्यक्ष राजीव गुप्ता और मधुसूदन हीरो की जनरल मेनेजर श्रीमती सीमा सिंह संयुक्त रूप से ‘सैलीब्रेशन’केक काटा।इस अवसर पर मधुसूदन हीरो के मुदित शंकर ,,नेक्सा के रचित अग्रवाल, ,राजेंद्र लूथरा,,रघुपति मिश्रा, मुदित अग्रवाल, श्री सुधीर तिवारी जी, वैष्णवी शर्मा, कमल टेकचंदानी,मनोज बघेल,कुलदीप शर्मा, गजेंद्र शर्मा ,धर्मेंद्र सिंह,रोहित सिंह आदि भी कार्यक्रम में शिरकत करने वालों में शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि कार्ल फ्रेडरिक बेन्ज़
जर्मनी के आटोमोबाइल अभियन्ता एवं इंजन-डिजाइनर थे। सामान्यत: उन्हें पेट्रोल से
चलने वाली गाड़ियों का आविष्कारकर्ता माना जाता है। वे 'मर्सीडीज बेंज' नामक प्रसिद्ध वाहन-निर्माता कम्पनी के
संस्थापक थे।
