नई दिल्ली: बस्तर के 'सोलिडिटरी नेटवर्क' संगठन ने
कन्हैया कुमार की किताब 'बिहार टू तिहाण: माई
पॉलिटिकल जर्नी'
के संबध में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 'कश्मीर
मांगे आजादी' के नारे लगा कर हंगामा खडा कर व्यवधान डाला
गया। यह आयोजन टाटा स्टील लिट्रेरी मीट के तहत टाटा स्टील कलकत्त 'द्वारा आयोजित किया गया था।
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| (जेएनयू के चर्चित कन्हैया की किताब 'बिहारटू तिहाड' |
विरोधके प्रकट कारणों के तौर पर बताया गया है कि छत्तीसगढ के
बस्तरक्षेत्र में सक्रिय सोलेडिटरी नेटवर्क के कामरेडों को दरअसल यह पसंद नहीं था
कि कन्हैया कुमार टाटा जैसे बहुराष्ट्रीय चर्चा में रहने वाले कार्पोरेट घराने के
आयोजन में भागीदारी दर्ज करवाये। 'कश्मीर मांगे आजादी' आजादी का
नारा बुंलद करने वाले सोलेडिटरी नेटवर्क के सदस्य किस प्रकारसे इस आयोजन में जा
पहुंचे यह अपने आप में आश्चर्यजनक है और वे किस संस्था के छात्र हैं यह भी अब तक
स्पष्ट नहीं हो सका है। वारहल कलकत्ता के विक्टोरिया मैमोरियल को बैकड्राप मान कर
हुए इस आयोजन के दौरान हुई नारेबाजी की जमकर
वीडियो रिकार्डिंग हुई। पाकिस्तान के
मीडिया ने इस घटना को हाथें हाथ लिया और सुर्खियों से छापा।
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या यह प्रीप्लांड स्क्रिप्टड ड्रामा तो
नहीं था.खास कर मंचस्थ श्री कन्हैया के व्यवहार को दृष्टिगत.जिन्होंने हंगमा करने
वालों के खिलाफ कुछ भी न कह कर केवल खामोश हो जायें जैसी शौली का इस्तेमालकर उस
व्यवस्था को भी सक्रिय दिया जिसका कि कार्यक्रमके दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखना
मुख्य दायित्व था.अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बटोर लेने वाली राष्ट्रविरोधी
नारेवाजीकी इस घटना को प बंगाल सरकारअब तक संज्ञान में लेकर कोयी कार्रवाही नहीं
कर सकी है।
