संयुक्त राज्य अमेरिका में एक नए अध्ययन से पता चला है कि फेसबुक लोगों को और अधिक संकीर्ण दिमाग ' नैरो माइंडेड ' वाला बना सकती है।इसकी वजह है कि लोग अपनी राय से मेल न करने वाले समाचार और विचार की तलाश में नहीं रहते हैं ।नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा प्रकाशित पत्रिका पनास का मानना है कि सामाजिक मीडिया साइटें हमारी दुनिया के विस्तार के बिलकुल विपरीत हैं। पनास दुनिया की मशहूर वैज्ञानिक पत्रिकाओं में से एक है। जिसमें 3100 से अधिक शोध पत्र प्रति वर्ष प्रकाशित किये जाते हैं। इस अध्ययन ने इस बात की पुष्टि की है कि सोशल मीडिया लोगों को अकेलेपन की और ढकेल रहा है।
