2 अक्टूबर 2016

शराब बंदी आंदोलन के सत्याग्रही को आगरा में पुलिस ने किया हाऊस अरैस्ट

प्रदूषित जलपूर्ति के विरुद्ध जलाधिकार ने छेडा सत्यागृह


स्‍वतंत्रता सेनानी चिम्‍मन लाल 
आगरा: गांधी जयंती पर प्रदेश के अन्य जनपदों की तरह आगरा में भी कई रस्मी कार्यक्रम हुए किन्तु जहां वायोबृद्ध स्वतंत्रता सेनानी ने शराब बन्दी को लेकर आवज बुलंद करने को लेकर यमुना नदी में जलसमाधि लेने के निर्णय से हटने से इंकार कर दिया, वहीं जलाधिकार फाऊंडेशन के नेशनल जर्नल सैकैट्री अवधेश उपाध्यांय ने शहर वासियों को जलसंस्थान के द्वारा आपूर्ति किये जाने वाले भारतीय मानकों से कहीं निर्मल  मानकों के पानी की हो रही आपूर्ति के विरुद्ध आवाज उठाने का  सत्याग्रह शुरू करने की घोषणा की।
श्री उपाध्याय ने कहा कि उनका लक्ष्य सरकारी अधिकारियों की उस सुप्तंद्रा को भंग करना है जिसके चलते जल संस्थालन की निम्न धस्तहर की जलापूर्ति को लेकर वे उदासीन बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक जनपद में तैनात अधिकारियों को जल संस्थान की सप्लांई से लिया पानी बोतलों में भरकर ले जाकर भेंट कर उसे पीने का आग्रह करेंगे।
श्री उपाध्याय ने कहा कि अधिकारी स्वंयं नहीं पीते उसकी जनता को आपूर्ति क्यों होने दे रहे हैं.उन्हों
ने कहा कि जलसंस्था न घोर अनियमित्तायओं और भ्रष्टायचार में लिप्त है। अगर टैकनीकल और सोशल आडिट हो जाये तो पानी कीगुणवत्ता में स्वत: सुधार हो जायेगा।
जल अधिाकर फाऊंडेशन के जर्नलसैकेट्री  अवधेश  उपाध्‍याय ने
 किया प्रदूषित पानी केविरुद्ध जल सत्‍याग्रह का आवाहन 
उधर गांधीवादी नेता श्री चिम्मिन लाल जैन पथवारी स्थित अपने मकान से जैसे ही यमुना नदी के लिये निकले पुलिस बल के द्वारा घेर लिये गये .बाद में वह घर लौटने को तो राजी कर लिये गये किन्तु पुलिसवालों की उस समय हवाईयां उड गयीं जब उन्होने कहा कि जैसे ही आपलोग हटेंगे वह यमुना नदी में जलसमाधि लगाने रवाना हो जायेंगे। फिलहाल श्री  जैन  घर पर ही पुलिस की नजरबंदी में हैं। एक जानकारी में श्री जैन ने कहा कि आगरा के रिवाज अनुसार तीन दिन में उठावनी होती है, इस लिये तीन दिन तक उनके प्रयास जारी रहेंगे।
नशाबंदी सत्याग्रह  आंदोलन के जनरल सैकैट्री डा ब्रजेन्द्र सिह सिकरवार ने कहा है कि प्रशासन श्री जैन को बचाने के लिये जो कर रहा है वह भी उसके द्वारा दायित्व निर्वाह ही है किन्तुर बडा सवाल श्री जेन को बचाने का नहीं उस समयज को बचाने का है जो कि शराब के नशों  में डूबकर शारीरिक रूप से अक्षम हो रहा है.एक जानकारी में डा सिकरवार ने कहा कि पुलिस के द्वारा लगभग दो दर्जन सत्याग्रहियों को घेराबंदी कर श्री जैन का हमकदम होने से रोका गया।