सर्वेक्षण शीघ्र, चैम्बर उपलब्ध करवायेगा अपडेटिड डाटा
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| --फाइल फोटो |
आगरा: इंटरनेशनल सिविल एयर एन्कलेव से ताज सिटी को आने व जाने वाले यात्रियों के लिये ही राहतकारी नहीं होगा बल्कि इसके कारण यहां एयरकार्गो काम्प्लेक्स बनाये जाने की संभावनाये भी बन गयी हैं.इस काम्प्लेक्स के नये इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनाये जाने के लिये आधारभूत शुरूआत पुष्टि वी के महरोत्रा जनरल मैनेजर (कार्गो) ने चैम्बर को पत्र लिखकर
की है।
आगरा में एक्स्पोर्ट हाउसों व उन औद्योगिक इकाईयों को भी लाभ मिलने जा रहा है, जो कि विदेशी बाजारों में विपणन संभावनाओं को भी अपने उत्पाादन लक्ष्यों में शामिल रखते हैं। एयर कार्गो कॉम्पालैक्स नये इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनाये जाने की पुष्टि जनरल मैनेजर (कार्गो) वी के महरोत्रा ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर की है।
कार्गो काम्प्लेक्स के लिये शरूआत उस आधार भूत अध्ययन से होगी जिसे कि भारतीय विमान पत्तसन प्राधिकरण अपने कार्गो निदेशालय के द्वारा करवायेगा। प्राधिकरण के इस अध्ययन में आगरा में एयर कार्गो उपयुक्त माल की संभावित व्यवहार्यता(कॉर्गो पुटैशियल फीजिविल्टी स्टैडी), उपभोक्ता आधारित मांग या खपत, एयरपोर्ट पर ऐसे बडे वाहन संचालन की सुविधा जिनका उपयोग कार्गो व अन्य लोड एयर लिफ्ट के लिये होता हो मुख्य बिन्दू् होंगें।
नेशनल चैम्बरर आफ इंडस्ट्रीयज एंड कामर्स उ प्र के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गोयल के कहा है कि अगर
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| सर्वेक्षण में सहयोग को पूरी तैयारी --अशोक कुमार गोयल |
श्री गोयाल ने बताया कि चैम्बर के 1500 सदस्य तथा 40 प्रकोष्ठ हैं, फिलहाल सभी प्रकोष्ठों से आग्रह किया गया है कि वे आपने सदस्यों की औद्योगिक इकाईयों की निर्यात और आयात जरूरतों का आंकलन कर चैम्बकर का डाटाबैंक अपडेट करें जिससे भारतीय विमान पत्तैन के कार्गो के अध्ययन के अलावा भी उन एयरलाइंसों को भी उपलब्ध करवाया जा सके जो कि आगरा को अपनी शैड्यूल्ड फ्लाइटों से कनैक्टिीविटी देने को उत्सुकता रखती हैं। चैमबर अध्यक्ष ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में काफी समय से केन्द्री य नागरिक उड्डयन मंत्री, भारतीय विमान पत्तरन प्राधिकरण को पत्र लिखकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एयर कार्गो कॉम्प लैक्स बनाये जाने की मांग की जाती रही थी।
बकरी और भेडे भी संभावित निर्यात लक्ष्यों में
एयर कार्गो कांप्लै्क्सि से आगरा से जो औद्योगिक उत्पातद निर्यात को एयरलिफ्ट हो सकते हैं उनमें बकरियां और भेडे भी शामिल हैं। भारत ने चालू वित्तीशय वर्ष में 12 हजार भेडो और बकरियों का मध्यभपूर्व देशों को निर्यात किया है। इनमें से ज्यादातर की खरीद को उत्तर प्रदेश के जनपदों का ही दर्शाया गया है.बडे पशु जहां शिपों से भेजे जाने का प्रचलन है वहीं छोटे पशुओं को पशुव्याापारी एयरलिफ्ट करके ही निर्यात कर रहे हैं।

