आगरा। पड़े लिखे युवा आजकल स्टार्टअप बिज़नस शुरू करते हैं, किन्तु आगरा के गांवों के मुसलमानों, दलितों और महिला बुनकरों के एक ग्रुप ने अपनी खुद एक कंपनी बनाई है। जिसके द्वारा वे अपने हाथ से बनी दरियाँ खुद बेचेंगें। इन हाथ से बने रुग्स के लिए फतहेपुर सीकरी के निकट स्थित गांव दुनिया भर में प्रचलित हैं। यहाँ से करीब दो सो करोड़ रुपए की हाथ से बनाई कारपेट्स और दरियों का एक्सपोर्ट होता है। इन बुनकरों ने अब अपनी कंपनी को खुद चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा की मेहनत की तुलना में बीच के व्यपारियों द्वारा भुगतान बहुत कम मिलने के कारण हमने यह कदम उठाया है।
