नई दिल्ली:रूस ने अपने सुदूर बमवर्षक विमानो टीयू-22एम3 और मोर्चे पर बमवर्षा करने वाले
सुखोई-34 विमानों को ईरान के हमादान वायुसैनिक अड्डे से किये हमलों से सीरिया
में कट्टर पंथियों की पकड डीली हो गयी है और अब इन इलाकों के लोग अपनी दढी कटवा कर
खुशी का एहसास कर
रहे हैं।
उल्लेखनीय हे कि सुखोई-34 विमानों ने ईरान के वायुसैनिक
अड्डे ’हमादान’ से उड़ान भरकर 16 अगस्त को पहली बार सीरिया में
आतंकवादी गिरोह ’इस्लामी
राज्य’ (इरा) के ठिकानों पर हमले किए।जैसाकि रूसी टेलीविजन चैनल ’रस्सीया-24’ ने बताया है — तेहरान ने रूस के रक्षा
मन्त्रालय को ’हमादान’ वायुसैनिक अड्डे का
उपयोग करने
की इजाज़त दे दी है। मस्क्वा (मास्को) ने ईरान और इराक से यह भी पूछा है कि वह
कास्पियन सागर से सीरिया की तरफ़ क्रूज मिसाइल छोड़ना चाहता है, क्या ये देश उसे इन मिसाइलों के
गुज़रने के लिए अपनी आकाशीय सीमा का इस्तेमाल करने देंगे।
बताया
जाता है कि इस्लामिक स्टेट ने तीन हजार से
ज्यादा लोगों को अपनी ढाल बनाया हुआ था. उन्हें
भी आज़ाद करा लिया गया है।
