‘शो पीस’ बने अकोला के क्म्यूनिटी आर ओ प्लांट को सुचारू करवाया जाये
आगरा,प्रख्यात समाजसेवी श्री विष्णू कपूर ने कहा है कि जनपद से विकलांगता केवल
अस्पतालों में
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| (अकोला गांव का शो पीस बना कम्यूनिटी आरओ प्लांट:समाज सेवी विष्णू कपूर चाहते है कि फंक्शनल हो--फोटो:असल मसलीमी) |
उपचार का इंतजाम करने भर से ही खत्म होने वाली नहीं है, इसके लिये स्वच्छ एवं मानव स्वास्थ्य के अनुरुप गुणवत्तावाला पानी उपलब
करवाना होगा। वह अकोला गांव में मुरकिा रोड
पर जलनिगम के वाटर सप्लाई पंपिंग स्टेशन के परिसर में लगे निष्प्रयोज्य सरीखे खडे
आर ओ प्लांट का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय प्रेस से वार्ता कर रहे थे।
श्री कपूर
ने कहा कि जल निगम को इस प्लांट को सुचारू करना चाहिये, उनका मानना है कि इस प्लांट के विकल्प के रूप में छै कि मी दूर स्थित नगला
अजीता से जो पानी पाइप लाइन से लाकर सप्लाई किया जा रहा है,
उसमें जबानी स्वाद(टंग टेस्ट) के रूप
में खारापन जरूर कम है किन्तु पीने योग्य
बनाये जाने के लिये इसका भी ट्रीटमेंट खासकर क्लोरीनीकरण जरूरी है। उन्होंने कहा
कि टी डी एस, का मानकों ये कही अधिक होना मानव स्वास्थ्य के
लिये बेहद घातक और भावी पीढी को विकलांग बनाये
जाने को उिया जा रहा सीधा न्योता है।
श्रीकपूर ने कहा कि अकोला,पचगाईं पट्टी सहित अकोला, सैंया और शमशाबाद विकास खंडों
के चालीस गांवों में आर्सेनिक, फ्लूराइड और नाइट्रेट के रूप में घुलनशील रासायन
भूमिगत जल में बडी माद्धा में मौजूद हैं। मौजूदा दौर एलार्मिंग स्थिति का है। उन्होंने
ने अकोला मे लगे जनपद के पहले कम्यूनिटी आर ओ प्लांट
(रिवर्स ऑस्मोसिस संयंत्र) को सांसद राजबब्बर के द्वारा अपने लोकसभा सदस्यता के दूसरे
कार्यकाल में लगवाये जाने के प्रयोग को स्थानीय जरूरत पूरा करने वाला प्रशंसनीय प्रयास
बताते हुए कहा कि फिल्म स्टार और राजनीति की ऊंचाईयों को छूने वाले श्री बब्बर को
तो स्थानीय जनस्वास्थ्य की बेहद चिता थी फलस्वरूप उन्होंने लाखों रुपये का इंतजाम
करवा के जनपद में यह पहला डैमो प्लांट लगवाया किन्तु अफसोस है कि जलनिगम और गांव
पंचायत सहभागी बन कर संचालित भी नहीं रख सके।उन्होंने कहा कि प्लांट की स्थापना
के समय श्री बब्र ने उम्मीद की होगी कि टीडीएस के मानकों की अधिकता वालेअन्य गांवों
में भी इसी प्रकार के आर ओ प्लांट लगवाये जायेंगे।
श्री कपूर
ने कहा है कि उनकी उम्र अब अस्सी साल की जरूर हो गयी है किन्तु काम करने का जज्बा
अब भी बरकरार है, उनकी कोशिश होगी कि इस शोपीस बने प्लांट को सुचारू करवाया जाये तथा अगर आकेला
में अब इसकी जरूरत नहीं समझी जा रही है तो आसपास के किसी अन्य गांव में शिफ्ट करवा
दिया जाये।
दिव्यांग
कहो या विकलांग शुद्ध पानी का करो इंतजाम
समाज सेवी
श्रीविष्णू कपूर ने कहा है कि प्रधान मंत्री नरेनद्र मोदी विकलांगों को भले ही दिव्यांग
कहे या कुछ और किन्तु जनपद के कुष्ठ और पोलियो पीडितों को शुद्ध पानी उपलब्ध करवा
के ही राहत प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधिकारिक रिपोर्टें क्या है यह तो
वह नहीं जानते किन्तु जो फीडबैक गांवोंसे उन्हे मिलाहै उनके मुताबिक भूमिगत जल में
टी डी एस की मानको से मात्रा पूर्व की तुलना में कही अधिक हो चुकी है।
