4 अप्रैल 2016

‘सूखे कंठ को तृप्त करने से ज्यादा खिदमद का काम और नहीं’

--श्री नाथ जलसेवा की दूसरी प्‍याऊ हुई शुरू

(समाजवादी पार्टी के महानगर अध्‍यक्ष रहीस उद्दीन कुरैशी ,डा आर एस पारीक,प्रख्‍यात कवि 
सोम ठाकुर एवं श्रीनाथजल सेवा के संस्‍थापक  श्रीबांकेलाल महेश्‍वरी 'दासनुदास' आदि।)
                                                                                 फोटो:असलम सलीमी

आगरा:ग्रीष्‍म की तपन के शुरू हो चुके  दौर  में सूखे कंठ को तृप्‍त करने से ज्‍यादा खिदमद का
काम और कुछ नहीं है, हर्ष और आगरावासियों के लिये अपने आप में गर्व का विषय है कि देश और प्रदेश के सामने अपने आप में यह नायब मिसाल हमारे अपने बीच के श्री बांकेलाल महेश्‍वरी पिछले चार दशक से पेश कर रहे हैं। यह कहना था सामजवादी पार्टी के महानगर अध्‍यक्ष रहीस उद्दीन कुरैशी का जो कि संजय प्‍लेस स्‍थित चालू ग्रीष्‍म काल के लिये दूसरी प्‍याऊ का उद्घाटन कर रहे थे।       रहीस भाई ने कहा कि श्री नाथ जल सेवा के
काम का ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों में प्रचार होना चाहिये,यह आगरा की विशेषता है,जब पानी को बचाजाना और खरीद कर पीय जाना सामान्‍य रूप से लिया जाने लगा है,उस स्‍थिति में श्रीनाथ जल सेवा को निशुल्‍क शुद्ध एवं शीतल जल उपलब्‍ध करवाने का प्‍लेटफार्म बनाया हुआ है।बडे सहयोग और समाज सेवा भाव रखने वालों को एक जुट कर ही इतना बृहद उद्धेश्‍य प्राप्‍त हो सकता है जो श्री महेश्‍वरी जी की अपनी क्षमता का परिचायक है।इस प्रकार की शख्‍सियतों को सम्‍मानित कर समाज को सकारात्‍मक आदर्श सोच के लिये प्रेरित  किया
जाना चाहिये।             
 कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए प्रख्‍यात चिकित्‍सक डा आर एस पारिक ने कहा कि श्रीनाथ जल सेवा अब आगराके लोगों के लिये नई नहीं है ,यह अनवरत इसी प्रकार से संचालित रहे इसके लिये नागरिक के रूप में हम सभी को अपने दायित्‍व बोध के पि सजग रहना होगा।
जलसेवा के संचालक श्री बांके लाल महेश्‍वरी दासानुदास ने कहा कि आने वाला दौर पीने के पानी की उपलब्‍धता के लिये और भी चुनौती भरा होना अनुमानित है। जलसेवा की कोशिश है कि ग्रीष्‍म में आगरा की सडकों से गुजरने वाले राहगीरों को शुद्ध व शीतल पानी अनवरत उपलब्‍ध रहे । वह उनसभी के आभारी हैं जो कि प्रयास में सहयोग को हमेशा तत्‍पर रहते हैं।

डा ज्ञान प्रकाश,प्रख्‍यात कवि सोम ठाकुर, विजय गोयल, चौ राजेन्‍द्र सिह,  बाबा लाल शाह कादरी, कुलदीप सक्‍सेना, दिलीप खंडेलवाल, अशोक राठी,बन्‍टी ग्रोवर, असुतोश कुलश्रेष्‍ठ, अनुज यादव ,नीरज शुक्‍ला, चन्‍द्रोहन भाटिया, ी पी नरवार, बृज मोहन गोयल ,मनोज वर्मा आदि भी विचार व्‍यक्‍त करने वालो में शामिल थे ,कार्यक्रम का संचालन कुलदीप सक्‍सेना के द्वारा किया गया।