पुलिस
नहीं दे सकी दमदार दलीलें,न ही बता सकी अपराधिक रिकार्ड
![]() |
| (कुन्दनिका शर्मा को कर दिया रिहा, फोटो:असलम सलीमी) |
आगरा: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं नगर निगम पार्षद डा कुन्दिका शर्मा को ए सी जे एम तृतीय की अदालत ने रिहाकर दिया, जेल में ही निरुद्ध रखने के लिये सरकारी वकीलों के द्वारा दी गयी अपीलों नकार दिया गया। उन्हे जमानत पर छोडे जाने को पारित आदेश मे कहा है कि पुलिस उनका कोई अपराधिक इतिहास पेश नहीं कर सकी.यही नहीं वह महिला हैं अत: द प्र सं। की धारा 437 परन्तुक 2 का लाभ पा सकती हैं जो जामानत दिये जाने का पर्याप्त आधार है। जिसे कि प्रदत्त करते हुए उन्हें बीस हजार रूपये के व्यक्तिगत बन्धपत्र व इसी राशि की दो प्रतिभूतियां पेश करने पर रिहा किया जाये। अपराह्न के बाद अदालत के द्वारा निर्देशित औपारिकता पूरी कर दिये जाने पर श्रीमती कुन्दनिका शर्मा को रिहा कर दिया गया।...
कुन्दनिका शर्मा की ओर लोहामंडी थाना पुलिस के द्वारा अपने विरुद्ध लगाई गयी मु.आ.सं .49 / 16, आ.धारा -295 ए, 153 ए भा द सं.की धाराओं में जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था.पैरोकारी कर रहे अधिवक्ता द्वारा अदालत में कहा गया कि उनकी पक्षाकार ने कोई अपराध नीं किया है, वह पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हे मुकदमें में झूंठा फंसाया गया है.अभियुक्ता के विरुद्ध दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट में 295 ए और 153 ए में परभाषित कोई भी अपराध नहीं किया गया है.उन्हों ने अपने भाषण में कोई भी ऐसा शब्द नहीं बोला जिससे कि किसी भी वर्ग अथावा धर्म के धार्मिक विश्वास व अपमान करने तथा धार्मिक भावनाओं को आहात करने की परिधि में आता हो.राजनैतिक द्वेश भावना से उन पर आरेप लगाये गये हैं, यही नहीं उनका कोई आपराधिक इतिहास भी भी नहीं है। अदालत के समक्ष यह भी कहा गया कि वह पूर्व में अंतरिम जमानत पर छूटी हुई है और न्यायलयके आदेश अनुपालन में अदालत में पेश हुई हैा।, जिसका उन्होने कोई दुरोपयोग नहीं किया है.अदालत में श्रीमती शर्मा की ओर से पैरवी करने वालो में बसंत गुप्ता , हेेन्द्र शर्मा, तपन वर्मा, अनिल शर्मा, भगवान रमेश चन्द्र लोधी, लक्ष्मी लवानियां, सी पी सिह, सिह, प्रदीप पांडे, सुधीर उपाध्याय आदि एडवोकेट अदालत में मौजूद थे.पार्टी नेताओं में से सर्वश्री पुरूषोत्तम खंडेलवाल, नगेन्द्र प्रसाद दुबे गामा, दीपक खरे, अवधेश रावत, ललितचतुर्वेदी, चतुर्वेदी, आदि नेता मौजूद थे.जमानत की जानकारी मिलते ही जहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकत्तार्ओं में हर्ष की लहर दौड गयी, वहीं प्रशासन के उन अधिकारियों ने भी राहत की सांसली जिन्होंने सापदायिक उन्माद फैलाने वाला भाषण देने के आरोप में अन्दर करवाने में आंतरिकरूप से सक्रिय भूमिका निर्वाह जरूर अदा की थी किन्तु बाद में बनती जा रही जबावदेही की स्थितियों के कारण पशेपेश की स्थिति में थे।
ज्ञातव्य रहे कि पिछले 25 फरवरी को आगरा टीला मन्नू शेख में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी अरुण माहौर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस हत्याकांड को लेकर हिंदूवादी संगठन एकजुट हो गए थे.भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी कांड पर कडी प्रतिक्रिया जाताई गई थी।
उत्तर प्रदेश की ताज नगरी आगरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेत्री और पार्षद कुन्दनिका शर्मा इस सिलसिले में 28 फरवरी को जयपुर हाउस स्थित रामलीला ग्राउंड में शोकसभा रखी गई थी। शोक सभा में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री राम शंकर कठेरिया, भाजपा सांसद चौधरी बाबू लाल और कुन्दनिका शर्मा समेत कई भाजपा पदाधिकारियों ने हत्या के कृत्य की कडी निदा की .बडी भीड और जनता की व्यापक प्रतिक्रिया देख कर प्रशासन बौखला गया था। मृतक के परिवार को दादरी में हुए हत्याकांड में मारे गये युवक के सामान ही राशि मुआबजे के रूप में दिे जाने की मांग को उठाये जाने पर अधिाकरियों की बौखलाहट और बढ गयी थी.फलस्वरूप जनाक्रोष की अभिव्यक्तिको रोकने की स्ट्रैटजी के तहत जन सभा में भाषण देने वालों में से केंद्रीय मंत्री राम शंकर कठेरिया और सांसद चौधरी बाबूलाल को छोड़कर कुन्दनिका शर्मा समेत कई भाजपाइयों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया था। पुलिस ने सुश्री कुन्दनिका को न्यू आगरा स्थित उनके बल्केश्वर आवास से गिरफ्तार किया।
