30 अप्रैल 2016

बौद्ध संघ ने बसपा से किनारा कर मोदी से साधी मित्रता

--बौद्ध संत डॉ.धम्म वीरियो के तीखे तेवर,धम्‍म चेतना यात्रा से माहौलबदलने की कोशिश

आगरा, बहुजन समाज पार्टी अब तक राजनैतिक हमलों का ही सामना करती रही थी किन्तु आगरामी विधान
(बौद्ध संत डॉ.धम्म वीरियो )
सभा चुनाव के ठीक पूर्व वर्ष में उस पर उस बौद्ध धर्म के संत,एव भिक्षओं ने हमला किया है,जो कि अब तक उसका जनाधार मजबूत करने भूमिका में सक्रिय योगदान करने वाली भूमिका में रहते आये माने जाते रहे हैं।आल इंडिया इण्डिया भिक्षु संघ के बसपा के प्रति कडे रुख...
पुष्टि करते हुए बौद्ध संत डॉ.धम्म वीरियो ने कहा कि मायावती के पास बौद्ध भिक्षुओ के लिए समय नहीं और जो सम्मान दलितों और बौद्ध धर्म को देना चाहिए वो नहीं दे रही हैं।
एक समय डा वीरियो जो कि बसपा सुप्रीमो के अत्यंत नजदीक थे इस समय उनसे एक दम विमुख् हैं। यही नहीं प्रानमंत्री नरेंद्र  मोदी से उनकी निकटता काफी बढी हुई है। उन्हों ने बौद्ध अनुयायियों को जगाने के लिए निकले धम्म चेतना यात्रा शुरू की हुई है।जिसके दौरान उन्होंने जौनपुर में आरोप लगाया की मैं खुद 6 महीने से मायावती से मिलने का समय मांगा पर अब तक नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए मुझे एक ही दिन में समय मिल गया। श्री धम्म ने कहा जो सम्मान नरेंद्र मोदी ने डॉ अंबेडकर और बौद्ध धर्म का किया है उससे प्रभावित होकर हम उनके साथ समर्पित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि खुद मोदी ने अंबेडकर की जन्म स्थली पर जाकर दलितों का सम्मान किया है। साथ ही बहुत सारे काम किए है और कर रहे हैं। हमारा समाज सम्मान चाहता है जो मोदी जी दे रहे हैं। 
 डॉ धम्म वीरियो ने मायावती पर धार्मिक ना होने का आरोप लगाया  उन्होंने कहा कि मोदी धार्मिक हैं। मोदी हमको लेकर बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की जन्म स्थली गए आज तक वहां मायावती गई ही नहीं। मोदी इंसानियत की पूजा करते हैं इसलिए हम मोदी की कद्र करते हैं।
उल्‍लेखनीय है कि भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ से रविवार को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 'धम्म चेतना यात्रा' का शुभारंभ किया था। यात्रा का समापन 24 अक्टूबर को लखनऊ में होगा। हालांकि  अब तक यह स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है कि डॉ विरियो बसपा सुप्रीमो मायाबती  से क्‍यो मिलना चाहते थे और प्रधानमंत्रीसे मुलाकात के दौरान उन्‍होंने  क्‍या वार्ता की।