आगरा की दो महिलाओं का महिलाओं के लिए बिशेष उदहारण
आगरा की दो महिलाओं, सुनीता शर्मा और निशा ने अपने जीवन निर्वाह के लिए ई-रिक्शा चलाने का सहारा लिया ।पारंपरिक रूप से पुरुष ही ऐसे कामों में देखे जाते हैं।सुनीता ने अपनी बेटी की देख रेख के लिए और निशा अपने मृत बेटे के बच्चों के देख रेख और उन्हें अच्छी शिक्षा देने की वजह से ई-रिक्शा चलाने का निर्णय लिया। यह दोनों आगरा की एमजी रोड पर रिक्शा चलाती हैं । सुनीता 27 वर्ष की हैं और शादीशुदा हैं और उनकी दो बेटियों हैं , तीन वर्षीय वैष्णवी और दो वर्षीय गायत्री,। 15,000 रुपये के लिए एक पुराना ई-रिक्शा खरीदकर मैंने यह काम करके जीवन कमाना बुरा नहीं समझा। उसने कहा यह काम आसान नहीं है किन्तु में आशावान हूँ।