14 मार्च 2016

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य मंत्री छगन भुजबल गिरफ्तार

धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत धरा गया

नई दिल्‍ली: सत्‍ता के शीर्ष पर पहुंच कर जनहित कर पाये हो या नहीं किन्‍तु जिन नेताओं की गडबडियों में जरूर संलिप्‍त रही है उनमें एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को मुम्‍बई में गिरु्तार कर लिया गया। मुम्‍बई के सेशंस कोर्ट में उन्‍हें पेश किया जाएगा।  इससे पहले के घटनाक्रम में छगन भुजबल को उनके खिलाफ महाराष्‍ट्र सदन निर्माण घोटाला मामले में धनशोधन मामले में 10 घंटे...
तक पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री की गिरफ्तारी धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हुयी है। उन्होंने पूछताछ में कथित तौर पर सहयोग करने से मना कर दिया। एजेंसी ने मामले में उनका बयान भी दर्ज किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन कानूनों के तहत इस मामले में तीन संपत्तियों की कुर्की का आदेश भी हासिल कर लिया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 280 करोड़ रूपये से अधिक है। छगन भुजबल, पंकज, समीर और अन्य लोगों की संपत्तियों और कार्यालयों सहित नौ परिसरों में प्रवर्तन निदेशालय ने दो बार छापेमारी भी की। इस कार्रवाई को राकांपा ने राजनीतिक प्रतिशोधकरार दिया था।

राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने छगन भुजबल, पंकज, समीर और 14 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र सदन घोटाला मामले में एक आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। नए महाराष्ट्र सदन का निर्माण 100 करोड़ रूपये की लागत से किया गया था और तब महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन की सरकार थी।