16 मार्च 2016

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण में मीडिया रहा सबसे प्रभावी

आगरा: लीजिये केंद्रीय हिंदी संस्थान में इंटरनेेट और मास मीडिया पर दो दिवसीय सेमीनार के दौरान कई अहम
(केन्‍द्रीयहिन्‍दीसंस्‍थानकेनिदेशक नन्‍द
किशेर पांडेय वं रजिस्‍ट्रार सी एम त्रिपाठी
एवं प्रख्‍यात टलीविजन पत्रकार राहुल देव)
मुद्दो पर चर्चाहुई ।प्रख्‍यात टेलीविजन पत्रकार ऐंकर राहुल देव  ने मास मीडियाकी बदलती भूमिका  पर विस्‍तार से चर्चा कर इ-जर्नलिजम की बारीखियां बतायीं। सेमिनार में निदेशक प्रोफेसर नन्द किशोर पाण्डेय सहित्‍य कई अन्‍य वरिष्‍ठ अनुभवियों ने भी सम्‍बोधित किया।
मीडिया और प्रदूषण नियंत्रण
प्रदूषण नियंत्रित करने में मास मीडीया ने प्रभावी 
भूमिका निभाई है, यह 
कहना था पर्यावरणप्रेमी ब्रज खंडेलवाल का जो इस विषय पर आयोजित सत्र में अपना पेपर प्रस्तुत कर रहे थे। इंटरनेट और मास मीडीया पर दो दिवसीय राष्ट्रिट्रीय संगोष्ठी का आयोजन केंद्रिरिय हिन्दी संस्थान द्वारा किया गया है.  श्री खंडेलवाल ने कहा की ताज महल को मथुरा आयिल रेफाइनरी से होने वाले ख़तरों के प्रति सचेत करने से लेकर ताज कॉरिडर का विवादित मुद्दा पत्रकारों ने ही उठाया था.२००३ मेंमायावती सरकार गिरी. सरदार सरोवर , उत्तरकाशी में टेहरी बाँध, केरल का साइलेंट वॅली प्रॉजेक्ट, कर्नाटक में हाथियों को वीररपपन से ख़तरा, ये सारे मुद्दे मीडीया की वजह से ही हाइलाइटेडहुए और उनपर प्रभावी कार्यवाही हुई . हाल ही में यमुना नदी पर आयोजित श्री श्री रवि शंकर के कार्यक्रम को लेकर भी मीडीया ने सवाल उठयाए. आगरा मे यानी शो पर भी आपत्ति कीथी...समय समय पर भारतिया मीडीया परवरण से संबंधित मामलों पर अभियान चल चुका है. एक जागरूक मीडीया ही गारंटी है हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहे, श्री खंडेलवाल ने कहा.