15 मार्च 2016

कांग्रेसी सी एम स्व.विलास राव देशमुख को बताया जिम्मेादार

भुजबल से भी कही बडे प्रतापी हैं यू पी में                                              

 
महाराष्ट्र  के पूर्व मुख्‍यमंत्री एवं एन सी पी नेता छगन भुजबल मंगलवार को अदालत में अनायास ही टूट गये जबकि उनका राजनैतिक कद किसी से कम नही, स्‍पेशल कोर्ट ने उन्‍हें 17 मार्च तक के लिये एनफोर्समेंट डायेरैक्‍टरेट की हिरासत में भेज दिया है। रुआंसे होकर उन्‍होंने अदालत में केवल यही कह कर काम चलाने की कोशिश की कि उन्‍हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। महाराष्‍ट्र सदन कांड मे उन्‍होंने वहीे किया जो कि तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री विलास राव देशुख ने कहा था। उन्‍हों ने श्री भुजबल ने अपने द्वारा संचालित मुम्‍बई एजुकेशन  ट्रस्‍ट (एम ई टी) के असुतुष्‍ट कर्मचारियों पर भी अपने को गलत मामलों में फंसाने का आरोप लगाया।अदालत में एन्‍फोर्समेंट डायरैक्‍टरेट के वकील हेतेन वैगोआनकर ने पीठासीन अधिकारी को बताया कि भुजबल ने अपना बयान रिकार्ड करने के दौरान जांच एजैंसी के साथ सहयोग नहीं किया।..                    

अदालत में अनायास ही टूट गये जबकि उनका राजनैतिक कद किसी काम नही स्‍पेशल कोर्टने उन्‍हें 17 मार्च तक के लिये एनफोर्समेंट डायेरैक्‍टरेट की हिरासत में भेज दिया है। रुआंसे होकर उन्‍होंने अदालत में केवल यही कह कर काम चलानेकी कोशिश की कि उन्‍हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। महाराष्‍ट्र सदन कांड मे उन्‍होंने वहीे किया जो कि तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री विलास राव देशुख ने कहा था। उन्‍हों ने श्री भुजबल ने अपने द्वारा संचालित मुम्‍बई उजूकेशन ट्रस्‍ट (एम ई टी) के असुतुष्‍ट कर्मचारियों पर भी अपने को गलत मामलों में फंसाने का आरोप लगाया।अदालत में एन्‍फोर्समेंट डायरैक्‍टरेट के वकील हेतेन वैगोआनकर ने पीठासीन अधिकारी को बताया कि भुजबल ने अपना बयान रिकार्ड करने के दौरान जांच एजैंसी के साथ सहयोग नहीं किया।                       जो भी फिलहाल भुजबल की गिरफ्तारी के बाद से जहां करोबारी विजय माल्‍या के प्रति सहानुभूति रखने वाले डा फारुख अब्‍दुल्‍ला से इत्‍तफाक रखने वालों की संख्‍या बढ गयी है ,लोगों का माननाहै कि वह कम से कम कारोबार तो करता था और उसकी पूजी का स्‍त्रोत काला धन नही जनता की वह गढी कमाई है जो कि जनता के द्वारा बैंकों में सुरक्षित निवेश के रूप में जमा करवायी हुई थी। किन्‍तु महाराष्‍ट्र की किसान लाबी के नेता के एक्‍सपोजर से लोगों में जिज्ञासा है कि उत्‍तर प्रदेश के सत्‍ता भोगी परिवरों के बारे में भी क्‍या जांच एजेंसियां खोज खबर लेने को सक्रिय होंगी। जहां पिछले तीस सालों से ‘मनी लाऊंड्रिंग’ आर्ट खूब पनप रही है, राजनेता तो क्‍या ब्‍यूरोक्रेट तक अपनी आये से करोडों रुपये अधिक की संपत्‍तियां खरीदे बैठे हुए हैं।

जो भी हो फिलहाल महाराष्‍ट्र के किसान नेता छगन भुजबल के बारे में आयी जानकारियां ज्‍यादा चर्चा में हैं। जिनकेअनुसार देशभर में भुजबल परिवार के नाम पर हजारों करोड़ की संपत्ति हैं। महाराष्ट्र के चार शहरों में भुजबल की अरबों की संपत्तियां हैं। इसमें एक ऐसा बंगला भी है जिसमें हेलीपैड भी बना हुआ है।

भुजबल की मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे में संपत्तियां हैं और ईडी पिछले एक डेढ़ साल से इनपर रेड की कार्रवाई कर रही है। पूर्व मंत्री के नासिक में 5 बंगले हैं, 12 दुकानें और फ्लैट मुंबई में हैं। ठाणे, बेलापुर में भी भुजबल के बंगले हैं। मुंबई में वर्ली, मझगांव, चर्चगेट, माहीम, दादर और सांता क्रूज में भुजबल के फ्लैट हैं। पुणे के लोनावाला में भुजबल का 65 एकड़ का बंगला है जिसपर हैलीपैड भी बना है। शहर में उनके और भी फ्लैट हैं। भुजबल खनन, पावर प्रोजेक्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर और अंगूर के बगीचों से भी जुड़े हुए हैं।